
‘दर्शन के ज्ञान से ही मनुष्य ईश्वर का साक्षत्कार कर सकता है’ । Voice of Darbhanga

दरभंगा: ईश्वर की सृष्टि में मनुष्य सर्वोत्तम है। दर्शन के ज्ञान से ही मनुष्य ईश्वर से साक्षात्कार कर सकता है। उक्त बातें कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्विद्यालय में आयोजित विपुल व्यवहारिकता कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो0 कालिका दत्त झा ने कहा।
दर्शन के ज्ञान से तीनों दुःखों की निवृत्ति संभव है। सामान्य जनों के लिए दर्शन के तत्त्व ज्ञान हेतु रामचरित्रमानस सबसे बड़ा स्रोत है। दर्शन के बिना मानव की कल्पना नहीं की जा सकती। इसके बाद विशिष्ट तिथि डॉ विनयानंद झा ने कहा कि आस्तिक तथा नास्तिक दोनों दर्शनों का मुख्य प्रयोजन मोक्ष की प्राप्ति है।
इसके बाद विशिष्ट अतिथि डॉ ज्योति रमण झा ने कहा कि जीवन में हर कदम पर दर्शन की आवश्यकता है। इसके बाद शुभ कान्त झा, सुमन झा, लक्ष्मीधर झा आदि ने भी अपना विचार प्रस्तुत किया। अंत में अध्यक्षीय भाषण दर्शन विभागाध्यक्ष डॉ आनंद झा ने किया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुधीर कुमार झा ने किया।

