
बागमती और अधवारा समूह की नदियों पर बनने वाला तटबंध विनाशकारी : माले। Voice of Darbhanga

दरभंगा: चास-वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा द्वारा विनाशकारी तटबंधों के निर्माण पर रोक लगाने तथा पुरानी बागमती परियोजना की समीक्षा हेतु वीडियो कमेटी गठित करने की मांग को लेकर आयोजित चक्काजाम शांतिपूर्ण सफल रहा. हजारों लोगों की भागीदारी से एन एच 57 पांच घंटे तक थप रहा और दरभंगा-समस्तीपुर पथ भी घंटों जाम रहा. सरकार ने तत्काल काम रोकने का आदेश दिया है, लेकिन यह जीत तब तक अधूरी रहेगी जब तक कि बागमती तटबंध निर्माण परियोजना को स्थगित कर रिव्यू कमेटी गठित नहीं की जाती है. भाकपा (माले) पोलित ब्यूरो के सदस्य अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव धीरेंद्र झा ने आज दरभंगा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बागमती और अधवारा समूह की नदियों पर बनने वाला तटबंध विनाशकारी है और इससे सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, खगड़िया आदि जिलों को भारी नुकसान होगा और यह इलाका और भी जलजमाव का क्षेत्र बन जाएगा. उन्होंने दिल्ली-पटना की सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अंग्रेजों के जाने के बाद बिहार की नदियों का कोई अध्ययन नहीं हुआ है. 60-70 सालों में नदियों की बनावट और बहाव में भारी परिवर्तन हुआ है. इसीलिए पुरानी परियोजना अप्रासंगिक हो गई है. उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग के मंत्री कंपनियों और ठेकेदारों के हाथों की कठपुतली बने गए हैं.

