
वकालत खाना में होली मिलन। Voice of Darbhanga

दरभंगा: चांद के इजोरिया, नियर गोर लागे लू. तोरा जोर कोई नईखे, बेजोड़ बारु हो. एस.डी.जे.एम दीपांकर मिश्रा द्वारा प्रस्तुत गाने के बोल वकालतखाना झुम उठा. ऐसी समां छाई की वकीलों और न्यायिक पदाधिकारियों के बीच का फर्क मिट गया. मौका था दरभंगा बार एसोसिएशन भवन में शुक्रवार को होली मिलन समारोह का. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित मिलन समारोह में वकीलों एवं न्यायिक पदाधिकारियों ने जमकर गुलाल संग होली खेली. होली के तराना पर कार्यक्रम में मौजूद जिला जज अरुणेंद्र सिंह ने”तुम मुझे यूं भुला न पाओगे” का तराना सुनाकर समारोह को जीवंत बना दिया. परिवार अदालत के प्रधान न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार ने जोगीरा से लोगों को भरपुर हंसाया. रंग-गुलालों की सुर्खी और मद- मस्त होली के गीतों से वकालत खाना गुलजार बना रहा. कनीय अधिवक्ताओं ने वरीय वकीलों के चरण पर गुलाल डालकर आशीर्वाद लिया. वहीं समकक्ष वकीलों ने गले मिल अबीर लगाकर वृन्दावन की होली की याद ताजा कर दिया. मानो वकालत खाना नहीं गोकुल का ईलाका हो. महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र के संचालन में अनिल कुमार प्रसाद, संतोष कुमार सिन्हा, कौशर इमाम हासमी, जीतेन्द्र नारायण झा, अनील कुमार मिश्रा, अमरेन्द्र नारायण झा, पी.पी नसीरुद्दीन हैदर, सियाराम चौधरी, सत्यनारायण यादव, भवनाथ मिश्रा, मुरारी लाल केवट समेत दर्जनों वकीलों ने फगुआ गीत गाकर लोगों को बसंत की मादकता में डुबाये रखा.

