
समरस समाज निर्माण के लिए सार्थक प्रयास जरूरी : संजय। Voice of Darbhanga

बेनीपुर: पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजय पासवान ने कहा है कि संस्कृति के केन्द्र से ही राजनिति होनी चाहिये. क्योंकि संस्कृति समाज को जोड़ने का कार्य करती है. जबकि आज राजनीति समाज को तोड़ने का कार्य कर रही है. पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री पासवान शुक्रवार को क्षेत्र के मकरमपुर गॉव स्थित हटियागाछी मैदान में बेनीपुर जनाधिकार मंच द्वारा आयोजित मिथिला में स्त्री शिक्षा एवं विमर्श सह दलित महासम्मेलन में लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि समरस समाज निर्माण के लिये आज सार्थक प्रयास की आवश्यकता है. जनाधिकार मंच ने शिक्षा की ज्योति जलानेवाली शिक्षिका सावित्री वाई फुले की पून्यतिथि के अवसर पर दलित महासम्मेलन का आयोजन कर एक बड़ा कार्य किया है. लोक देवी के समृति में एैसे कार्यक्रम का आयोजन किये जाने से समाजिक एकता और सौहार्द का वातावरण उत्पन्न होता है. पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज समाज बदल रहा है, जिसका परिणाम है कि आज उच्चवर्ग के लोग अपने हाथो से दलित वर्ग के लोगों को खिलाकर गर्व महसुस कर रहे है. प्रांतीय प्रचारक जीतेन्द्र जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पुरे देश समरस समाज बनाने में लगी हुई है. आज देश में जो लोग जाति की बात करते है वे कभी भी अपने जाति का शुभचिंतक नहीं हो सकते बल्कि वे जाति के नाम पर राजनिति करने का कार्य कर रहे है. उन्होंने इस कार्यक्रम का आयोजन करने को लेकर बेनीपुर जनाधिकार मंच के अध्यक्ष अवधेश कुमार झा को धन्यवाद दिया. महासम्मेलन को डा0 बुचरू पासवान, डा0 सत्यनारायण पासवान, डा0 उमेश कुमार उत्पल, डा0 ज्वाला प्रसाद, अर्जुन पासवान सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया. सम्मेलन की अध्यक्षता जनाधिकार मंच के अध्यक्ष अवधेश कुमार झा ने किया जबकि मंच संचालन रमण कुमार झा ने किया.

