
तो क्या अपने पार्टनर का काम बचाने केलिए बस दिखावे का विरोध कर रहे हैं नगर विधायक! Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
दरभंगा शहरी विधानसभा के चार बार से लगातार विधायक संजय सरावगी इन दिनों पाँच-सात दिनो से अचानक विधानसभा के गेट पर तख्ती लेकर फोटो खिंचा कर अपने फेसबुक पर पोस्ट करने लगे हैं। परंतु इनका यह कृत्य बुद्धिजीवियों में इनका मजाक ही बना रहा है। खुद इनके पार्टी के नेता भी इनदिनों इनकी नौटंकियों पर खूब चुटकी आपस में ले रहे है।
नगर निगम के कार्य कचरा उठाव और बन्दर पकड़ने के बाद अब अचानक इनका ध्यान डीएमसीएच में दवा उपलब्ध न होने के मुद्दे पर गया है। इस पहलु के कुछ पक्ष हैं। पूर्व डीएमसीएच अधीक्षक डा0 सूरज नायक के द्वारा उनके कार्यकाल में इनके कथित पार्टनर को ब्लैक लिस्टेड कर में सप्लाय बन्द करवा दिया था। तब पुरे शहर ने देखा कि कैसे इन्होंने दरभंगा में भी सड़को पर उक्त अधीक्षक पर भ्रष्ट होने का आरोप लगा कर आंदोलन खड़ा कर दिया था। वर्तमान समय में भी पैथोलोजी से लेकर अल्ट्रासाउंड एवं सिटी स्कैन तक का कॉन्ट्रैक्ट जिसके पास है, दुनिया जानती है कि कांट्रेक्टर विधायक जी का रिश्तेदार है सह पार्टनर है। अब रिश्तेदार सह पार्टनर को काम मिला हुआ है तो भला कुव्यवस्था का विरोध क्यों करें। पर बन्दर पकड़ने एवं कचरे उठाव के नगर निगम के कार्य को विधानसभा में उठा कर पहले ही सोशल मीडिया पर हंसी का पात्र बन चुके नगर विधायक को कोई नया मुद्दा नही मिला तो हड़बड़ा कर डीएमसीएच में दवा सप्लाई का तख्ती लेकर विधानसभा के गेट पर खड़े हो गये। नगर निगम चुनाव में अपनी खोती पकड़ को देखते हुए विधानसभा के गेट पर फोटो खिंचवाने से उनको फ़िलहाल कुछ करना नही पड़ेगा। 15 साल तक के नगर निगम की दुर्दशा का जवाब अपने ही दल युवा नेताओ के विरोध को देखते हुए देने की हिम्मत है नही। इसलिए उलूल जुलूल कुछ नही फ़ोटो खिंचा कर पेपर में आते हैं।
स्थानीय भाजपा नेताओं का भी दबे मुह कहना है कि यदि सही में डीएमसीएच के कुव्यवस्था का विरोध करना था तो डीएमसीएच जाकर दरभंगा में आंदोलन क्यों नही करते। इसके कारण है। इनके पार्टनर को काम मिला हुआ है तो फिलहाल विरोध कर ही नही सकते। इसके अलावा स्वयं के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का समर्थन रहने का इन्हें विश्वास नही और दूसरा यह कि इन नौटंकियों की पोल इनके ही युवा नेता लगातार सोशल मीडिया पर खोल रहे हैं जिन्हें दल के ही वरीय नेताओ का मौन समर्थन प्राप्त है।

