
आखिरकार हटाये गये लहेरियासराय थानाध्यक्ष डीएन मण्डल। Voice of Darbhanga
दरभंगा: पिछले दिनों लहेरियासराय थाना क्षेत्र में मनोज चौधरी को जिंदा जलाने के प्रयास के बाद पुलिस के उपर उठ रही उॅगलियों पर दरभंगा डीएम ने एसआईटी जांच कर 24 घंटे में निर्णय लेने का अश्वासन परिजनों को दिया था. शनिवार को दरभंगा के डीएम डा0 चन्द्रशेखर सिंह एवं एसएसपी सत्यवीर सिंह ने घटनास्थल का खुद मुआयना किया और लोगों से पूछताछ की. एसएसपी ने जांच में लापरवाही पाकर लहेरियासराय थाना के प्रभारी डी एन मंडल को थाना से हटा पुलिस लाईन भेज दिया. गौरतलब है कि थाना प्रभारी को हटाने के लिए आदोंलन बढ़ता ही जा रहा था. ऐसे में पुलिस के पास और कोई विकल्प भी नहीं था. लोगों के आक्रोश को ठंडा करने के लिए पुलिस की ये बड़ी कारवाई मानी जा रही है. हालाकि एसएसपी ने इस कांड के अनुसंधानक को भी बदल दिया. ताकि कांड का निष्पक्ष जांच पूरा हो सके. दीनानाथ मंडल को लहेरियासराय थाना से हटाने के बाद जाले थाना प्रभारी राम किशोर शर्मा को मिला थाने का प्रभार. स्वीट होम चौक पर जमीनी विवाद के कारण मनोज चौधरी को जिंदा जलाने के प्रयास में थाना की भूमिका को लेकर एसआईटी जांच के बाद दीनानाथ मंडल को थाना से हटाने के बाद पुलिस के लिए चुनौती थी कि इस परिस्थति में लहेरियासराय थाने का चार्ज किसे सौंपा जाय. क्योंकि अभी मुद्दा शहर में छाया हुआ हैं. ऐसे में दरभंगा एसएसपी सत्यवीर सिंह ने जाले के थाना प्रभारी राम किशोर शर्मा को लहेरियासराय की जिम्मेवारी दी है. लोगों में चर्चा है कि जिला पुलिस ने यह निर्णय इसलिए लिया कि मनोज चौधरी की मौत के बाद आक्रोश ठंडा हो जाय.

