
सुशील मोदी के दौरे पर भारी पड़ी गोपालजी ठाकुर के यहां आयोजित कार्यक्रम की रौनक। Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
दरभंगा में भाजपा के स्थापना दिवस पर गुरूवार को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के कार्यक्रमो में अन्य दौरे की तरह रौनक नही दिखी। गुरूवार को ही बिहार प्रदेश भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश उपाध्यक्ष गोपालजी ठाकुर के यहां एक पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित था जहाँ जिले के नेता से लेकर तमाम प्रमुख कार्यकर्त्ता नजर आये। युवाओं की टीम तो युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिशिर झा एवं बालेंदु झा के नेतृत्व में सुबह से ही गोपालजी ठाकुर के यहां मौजूद थी। जिला के तमाम प्रमुख नेता गोपाल जी ठाकुर के यहां पहुँचे। माना जाता है कि शहर में अपने हो रहे लगातार विरोध और सामने आ रहे नगर निगम चुनाव में अपनी खोती पकड़ को देखते हुए नगर विधायक संजय सरावागी ने अपने खेमे के वरिष्ठ नेता को शक्ति प्रदर्शन एवं डैमेज कंट्रोल केलिए दरभंगा बुलवाया था। पर अपने नगर क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित न करवा कर हायाघाट विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करवाने के पीछे भी उनके विरोध का डर ही माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों की माने तो वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय के करीबी माने जाने वाले नवनिर्वाचित प्रदेश उपाध्यक्ष गोपालजी ठाकुर के यहां आयोजित कार्यक्रम के दिन जानबूझ कर सुशील मोदी को बुलाने का प्लान नगर विधायक था ताकि ज्यादा से ज्यादा नेता कार्यकर्ता सुशील मोदी के कार्यक्रम में दिखे और नित्यानंद राय के खेमे को दरभंगा में कमजोर दिखा सके। पर गोपालजी ठाकुर के व्यक्तित्व ने नगर विधायक और सुशील मोदी के इस योजना को शायद टाँय टाँय फिस्स कर दिया। मीडिया एवं सोशल मीडिया में जारी तस्वीरो में भी सुशील मोदी के कार्यक्रम में अपेक्षित गिने चुने लोग ही दिखे। बाकी कुछ नेता व्यवहारिकता के नाते गये भी तो तस्वीरों में आने से बचते नजर आये। वहीँ दुसरी तरफ गोपालजी ठाकुर के यहां आयोजित कार्यक्रम की सोशल मीडिया में वायरल हुई तस्वीरों में तमान युवा से वरिष्ठ नेताओं की रंगत देखी गयी। खुद गोपालजी ठाकुर द्वारा नगर विधायक के धुर विरोधी माने जाने वाले टीम के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया में पोस्ट करना भी अपने आप में संकेत दे गया।
कुल मिलाकर कहा जाय तो राजनितिक विश्लेषकों की राय में भी दरभंगा में गुरूवार को हुए अपरोक्ष शक्ति प्रदर्शन में नित्यानंद राय का खेमा सुशील मोदी खेमे पर हर तरफ से बीस दिखा। शायद तस्वीरों ने भी इस बात की गवाही दे दी कि सुशील मोदी के खेमे में कौन से गिने चुने कार्यकर्त्ता दरभंगा में बचे हैं।

