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मुख्य - विशेष - April 7, 2017

नगर विधायक द्वारा किये अपमान की तस्वीर पोस्ट करना मेयर का दर्द या फिर सोची समझी चाल! Voice of Darbhanga

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दरभंगा। अभिषेक कुमार

लगता है नगर विधायक द्वारा अपनी गिरती साख और अपनी भी पार्टी में हो रहे विरोधों के बीच डैमेज कंट्रोल के लिए गुरूवार को अपने आका सुशील मोदी को दरभंगा बुलाना लगतार विवादों की जड़ बनता जा रहा है। दरभंगा में चारो तरफ जबतदस्त विरोध का सामना कर रहे सुशील मोदी के प्रिय चेले नगर विधायक संजय सरावागी के कल तक पॉकेट में रहने वाले शहर के मेयर ने अपरोक्ष रूप से आज अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर दिखाने की कोशिश की है। गुरूवार को सुशील मोदी के कार्यक्रम के दौरान नगर विधायक संजय सरावागी और उनके रबड़ स्टाम्प माने जाने वाले जिलाध्यक्ष हरी सहनी खुद तो कुर्सी पर बैठे हैं। पर शहर के प्रथम नागरिक का दर्जा रखने वाले मेयर गौड़ी पासवान को अपने पीछे खड़ा रखा। इतना ही नही, मेयर की हालत पर किसी ने कुछ कहा तो जिलाध्यक्ष एवं नगर विधायक ने मेयर का उपहास करते हुए जोर से ठहाके लगाये। अब मेयर साहब बोले तो क्या बोले, खून का घूँट पी कर रह गए। एक मेयर जैसे उच्च और सम्मानित पद पर रहते हुए खुद को कई बार नगर विधायक की कृपा से मेयर बन पाने की बात सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं। इस बार मेयर का पद सामान्य महिला का हो जाने और मेयर की इमेज खराब हो जाने से अब गौड़ी पासवान नगर विधायक के लिए उस लँगड़े घोड़े के समान हो गए जो रेस में भाग ही नही ले सकता। ऐसे में अपने कृपा से मेयर बनने के वाले के साथ उनका नौकरों जैसा व्यवहार करना कोई आश्चर्य नही दिखाता। पर सवाल यह है कि मेयर के साथ हुए इस घृणित उपहास के खिलाफ उनके पक्ष में सवाल कौन उठायेगा क्योंकि विधायक जी को आका बोलकर वे खुद को विधायक के पॉकेट का प्रदर्शित कर चुके हैं। विधायक के खेमे में गिन चुन कर बचे दो चार नेता टाइप चमचे विधायक के खिलाफ किसी कीमत पर नही जाएंगे। विधायक के आका सुशिल मोदी के सशक्त विरोधी और प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय के टीम समर्थक खेमे में जाने की उनकी हिम्मत नही हो रही होगी। ऐसे में बिना कुछ बोले अपने अपमान की तस्वीर चुपचाप अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट करके नगर विधायक के विरोधी और नित्यानंद राय टीम के समर्थक खेमे के माने जाने वाले बालेंदु झा को उस तस्वीर में टैग किया है। टैग के बाद कुछ लोगों ने खुल कर विधायक द्वारा इसे मेयर का अपमान बताया गया है। पर मेयर की चुप्पी इस आरोप को कहीं न कहीं सही साबित करती दिखती है। फिलहाल इस समय मेयर की हालत न घर के न घाट के जैसे होते दिख रही है। पर तस्वीर को फेसबुक वॉल पर पोस्ट और बालेंदु झा को टैग करके एक आशा भरी निगाह सुशील मोदी और उसके चेले नगर विधायक के खेमे को ध्वस्त करने वाले गोपालजी ठाकुर के समर्थक खेमे की तरफ जरूर डाली है। शायद उन्हें उम्मीद हो कि उनके अपमान पर अब शक्ति के साथ वे लोग उनका साथ दें जिनका वे हमेशा विरोधी रहे। हालांकि बालेंदु झा एवं उनकी टीम भी इसे इतना आसानी से नही ले रही क्योंकि नगर निगम चुनाव सामने है और मेयर को अपमानित करके उनके बीच भेदिया बना कर मेयर को भेजने की चाल कहीं नगर विधायक की न हो, इसका भी ख्याल रख रहे हैं। संभावना जतायी जा रही है कि बालेंदु झा की टीम अपने नेतृत्वकर्ता युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिशिर झा एवं गोपालजी ठाकुर से इस मुद्दे पर बात करने के बाद ही कोई रणनीति पर विचार कर सकते हैं।

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