Home मुख्य कलयुगी माँ ने नवजात को गेहूं के खेत में फेंका। Voice of Darbhanga
मुख्य - April 12, 2017

कलयुगी माँ ने नवजात को गेहूं के खेत में फेंका। Voice of Darbhanga

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दरभंगा: कलयुगी माँ के बारे में आपने काफी सुना होगा , लेकिन आज जो हम आपको बताने वाले है वो काफी दर्दनाक है । एक कलयुगी माँ ने अपने कोख में पूरे 9 माह तक बच्चे को रख कर एक बालक को जन्म दिया और आज सुबह उसे गेहूं के खेत में जंगली जानवर के हवाले कर चली गयी । ये महज संयोग कहा जाए की उस बच्चे की रोने की आवाज पास से गुजर रही कुछ औरतो ने सुन ली , और पास जाकर देखा तो महज कुछ घंटे पहले जन्मे नवजात बच्चे अकेले गेंहू के खेत में अपनी माँ के लिए बिलख बिलख के रो रहा है । इस बात की जानकारी पुरे इलाके में आग की तरह फैल गयी और सभी नवजात बच्चे को देखने के लिए जुटने लगे । उसी भीड़ में खड़ी एक महिला ने ममता का परिचय देते हुए आगे बढ़ी और नवजात बच्चे को अपने कलेजे से लगाकर उसके माँ का प्यार दिया । दरसल पूरा मामला जाले प्रखण्ड के नारौछ गांव के भेभीही पुल के समीप की है । आज अहले सुबह किसी महिला ने अपने नवजात बच्चे को देवेंद्र साह के गेंहूँ के खेत में अपने बच्चे को फेक कर चली गई और बच्चे की रोने की आवाज सुनकर गेंहूँ काटने गई महिला ने पास जाकर देखा तो खुले आसमान के नीचे नवजात बच्चा है , यह बात कानो कान पुरे गांव में फ़ैल गयी और देखते ही देखते वहां गांव के लोग जुट गए और गांव के ही प्रमोद मांझी की पत्नी दयावती देवी ने उसे उठाकर अपने कालेज से लगा लिया और उसे लेकर अपने घर आई जहां नवजात का नार पुरैन काट कर अपने घर के अन्दर रखा है। वही अब बच्चे को देखने के लिए लोगो का ताँता लगा है। इसीलिए कहा जाता है जाको राखे साइयां मार सके ना कोई ।FB_IMG_1492047011563

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