
कॉपी मूल्यांकन को मजाक बनाकर छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़: विधायक। Voice of Darbhanga

जाले : स्थानीय विधायक जीवेश कुमार ने इन्टर एवं मैट्रिक के कॉपी मूल्यांकन में मध्य विद्यालय के शिक्षकों द्वारा कॉपी जाँचे जाने पर सरकार पर तंज कसा है. अपने आवासीय कार्यालय चंदौना में प्रेस वार्ता आयोजित आगे इन्होंने कहा कि शैक्षणिक इतिहास में जो कुछ नहीं हुआ वह नीतीश कुमार की सरकार में देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा है ऐसी व्यवस्था से बिहार के लाखों छात्र रिजल्ट को लेकर संशय की स्थिति में है. इंटर और मैट्रिक के छात्रों को जब जानकारी मिली कि उनकी कापी की जांच मिडिल स्कूल के शिक्षक करेंगे, तबसे उनके बीच संसय की स्थिति उत्तपन्न हो गई है. उनके होश उड़े हुए हैं, सूबे के छात्र भविष्य को लेकर चिंतित होने लगे हैं और सरकार हठधर्मिता पर तुली हुई है. उन्होंने कहा कल तक इंटर और मैट्रिक के मूल्यांकन के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति परीक्षकों की नियुक्ति करता था. वही आजकल इन दिनों प्रखंड के बीईओ परीक्षकों की नियुक्ति कर रहे हैं. बीईओ को पता नहीं कि किस किस विषय के टीचर उनके पास है. चारों तरफ अफरा-तफरी मची और शैक्षणिक अराजकता का माहौल बना हुआ है. विधायक का आरोप है कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मौन दर्शक बने हुए है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि लोकनायक जयप्रकश नारायण जी के 1974 छात्र आंदोलन के गर्भ से उत्तपन्न राज्य सरकार उ सके मुखिया नितीश कुमार की सरकार का शिक्षा के विकास की ओर कोई ध्यान नहीं है. कापी मूल्यांकन को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के फरमान ने सूबे के लोगों को झकझोर कर रख दिया है. उन्होंने सरकार से पुन: अपील की है. वह हड़ताली इंटर और मैट्रिक के वितरहित एवं नियोजित शिक्षकों से संजीदगी के साथ वार्ता करे और उनकी मांगों पर आश्वासन देकर कापी का मूल्यांकन उन्हीं से करवाए. नहीं तो इतिहास नीतीश कुमार की सरकार को कभी माफ नहीं करेगा. उन्होंने सरकार से जानना चाहा है कि अगर कल को यूनिवर्सिटी के लेक्चरर और प्रोफेसर हड़ताल पर चले जाएंगे तो क्या,एमए पास मिडिल स्कूल के टीचर ही बीए और एमए के परीक्षार्थियों की कापी का मूल्यांकन करेंगे. इस सवाल का जवाब सरकार को राज्य की जनता को देना चाहिए.

