
साल भर से पुलिस की आँखों में धूल झोंक रहा कई कांडों शातिर कुंदन हुआ गिरफ्तार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: दरभंगा पुलिस ने आज एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। बाइक लूट के बड़े गिरोह का उदभेदन पुलिस ने करीब एक साल पहले किया था और 12 बाइक मोबाइल आदि बरामद किया गया था। इस कांड में गिरोह के नौ लोग नामजद थे जिसमें से एक कुंदन तिवारी नामक युवक लगातार फरार था। कुंदन तिवारी का कोई सुराग कहीं पुलिस को नही मिल रहा था। उसका सही अता पता किसी को मालूम नही था। बस फर्जी सिमकार्ड लेकर गिरोह को ऑपरेट करता था। पर शातिर इतना कि गिरोह में भी किसी को नाम पता नही चलने दिया। दरभंगा के एक लॉज में फर्जी पता बता कर रहकर पढ़ाई करता था और वहीँ से लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। किसी के पास कुंदन तिवारी की न कोई तस्वीर थी और न ही सही अता पता। बस था तो एक नाम। इसकी गिरफ्तारी केलिए एएसपी दिलनवाज अहमद के नेतृत्व में तेज तरार पुलिस अफसर वर्तमान में भालपट्टी ओपी अध्यक्ष के सी भारती तथा एएसआई वीरेंद्र राम ने प्रयास शुरू किया और आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। इसके गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए एएसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि गिरोह के उदभेदन के बाद यह मोबाइल बन्द करके पंजाब चला गया था और वहीँ इंजियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस ने बड़ी मशक्कत से फेसबुक और मोबाइल ट्रेसिंग के आधार पर इसका हुलिया तथा लोकेशन प्राप्त किया और एक विशेष टीम ने पंजाब से इसे गिरफ्तार किया। इस टीम में भालपट्टी ओपी अध्यक्ष कृष्णचंद्र भारती की भूमिका काफी अहम रही। गिरफ्तार कुंदन तिवारी मूलतः नेपाल का निवासी है और इसका ननिहाल मधुबनी के फुलपरास में है और यह ननिहाल में ही रहता था। इसके नाना भी पुलिस अधिकारी हैं। इसने सबसे पहले मनीष यादव से दस हज़ार में लूट की बाइक खरीदी थी जो वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया था। उस समय वह गाड़ी छोड़ कर भाग गया था और उसके बाद लगातार अपराध के दुनिया में गिरोह के साथ बढ़ता गया। इसके गिरोह पर लगभग दर्जन भर काण्ड जिले के विभिन्न थानो में दर्ज है।
कुंदन की गिरफ्तारी को अहम कामयाबी इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि इस शख्स ने अपनी कोई पहचान कहीं नही छोड़ा था। फर्जी सिम भी बन्द कर देता था। पर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फेसबुक और लड़की के प्यार ने आखिर इसे पुलिस के चंगुल में डाल ही दिया।

