
कारवाई से बाँध की मिट्टी का अवैध खनन करने वाले माफियाओं में हड़कम्प। Voice of Darbhanga

दरभंगा: बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एकमी व बरहेता के मध्य बागमती नदी तटबंध की मिट्टी की कटाई कर ऊँचें दामो पर बेचने का खेल वर्षों से चल रहा था और इन माफियाओं की पहुँच कुछ ऐसी थी कि शिकयतो के वाबजूद कोई कारवाई नही होती थी। पर गुरूवार को मिट्टी कटाई करते पुलिस ने चार ट्रैक्टर को जब्त कर उसके चालकों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, दर्जन भर ट्रैक्टर चालक गाड़ी को लेकर फरार हो गए। कार्रवाई की सूचना से एक घंटे तक हड़कंप मचा रहा। दर्जनों मजदूर कुदाल-टोकरी छोड़ फरार हो गए। कई झाड़ियों में छिप गए तो कई नदी तैर कर पश्चिमी तट की ओर भाग गए। पुलिस को देख मजदूर अपने साथियों को सतर्क करने के लिए जोड़-जोड़ से भागो-भागो की आवाज लगा रहे थे। एएसपी दिलनवाज अहमद ने बांध से नदी तक दौड़कर मिट्टी लदे चार ट्रैक्टरों को पकड़ा। हालांकि, काफी संख्या में चालक अपनी गाड़ी लेकर भागने में सफल हो गए। बताया जाता है कि पुलिस बल की कमी के कारण सभी को एक साथ पकड़ने में परेशानी हुई। इसका लाभ चालकों ने भी उठाया। छापेमारी में शामिल सदर एसडीओ डॉ. गजेन्द्र प्रसाद सिंह के गार्ड भी एएसपी श्री अहमद के साथ दौड़ते दिखाई दिए। बताया जाता है कि ट्रैक्टर मालिक लंबे दिनों से सारे नियम को तोड़ कर धड़ल्ले से मिट्टी की कटाई कर रहे हैं। इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं जा रही थी। इसकी शिकायत लोगों ने डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह से की। उन्होंने मामला को संज्ञान में लेकर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कार्रवाई नहीं करने वाले पदाधिकारियों पर उन्होंने कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। तीन घंटे के अंदर ही एएसडीओ व एएसपी की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर मिट्टी कटाई माफियायों में हड़कंप मचा दिया। बताया जाता है कि अधिकारियों के लावलश्कर को देख ट्रैक्टर व जेसीबी मशीन वाले सतर्क हो गए। एकमी व बरहेता रोड के पास दलाल बैठकर बांध की निगरानी कर रहे थे। इसकी सूचना छापमारी दल में शामिल अधिकारियों को नहीं हो पाई। दोनों जगहों से फोन कर सभी को भागने की बात कही गई। एक अपाची बाइक सवार युवक अधिकारियों को आता देख बांध पर आगे-आगे जाकर सभी ट्रैक्टर वाले को भागने के लिए आवाज लगा रहे थे। जब्त किए गए ट्रैक्टर को बहादुरपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया। वहीं गिरफ्तार चालक से पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि नदी व बांध तट की मिट्टी कटाई कराने वाले लोग इस धंधे से मोटी कमाई कर रहे थे। नदी से मिट्टी काटकर शहर में उंचे भाव में बेचने का काम कर रहे थे। इन लोगों पर न तो खनन विभाग की ओर से कार्रवाई की जाती है और न ही अंचल की ओर से।

