Home मुख्य नये कुलपति के आने के बाद भी मिथिला विश्विद्यालय दे रहा है 25 अंक के प्रैक्टिकल में 40 अंक! Voice of Darbhanga
मुख्य - विशेष - May 15, 2017

नये कुलपति के आने के बाद भी मिथिला विश्विद्यालय दे रहा है 25 अंक के प्रैक्टिकल में 40 अंक! Voice of Darbhanga

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दरभंगा: दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय द्वारा पिछले कुलपति साकेत कुशवाहा के कार्यकाल सेशन लेट होना या रिजल्ट में गड़बड़ी की शिकायत आम बात जैसी हो गयी थी और लगातार छात्र संगठनों के साथ साथ कर्मचारियों द्वारा भी उनपर आरोप लगते रहते रहते थे।

पर बीएचयू से सम्मान आदि पाने के नाम के तामझाम के साथ मिथिला विवि के कुलपति का कार्यभार संभालने पहुँचे प्रो0 सुरेंद्र कुमार सिंह से लोगों ने बहुत उम्मीद की थी। पर शायद इन्होंने भी अपने पदभार ग्रहण के बाद के रिजल्ट में गड़बड़ी का पहला तोहफा देकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का संकेत दे ही दिया। रिजल्ट कम आने की शिकायतें मिल ही रही थी, ऊपर से एक नया मामला यह भी आया कि कुल 25 अंक के संगीत के प्रैक्टिकल में 40 अंक भी दे दिया गया जबकि उसी विषय के 75 अंक के थ्योरी में मात्र दो अंक एक छात्रा को मिला है। बीए पार्ट वन की परीक्षा देकर रिजल्ट का इंतज़ार कर रही एमआरएसएम् कॉलेज आनंदपुर की छात्रा प्रीति कुमारी ने जब अपना रिजल्ट ऑनलाइन चेक किया तो कम नम्बर देख कर उसे झटका तो लगा। पर जब उसकी नजर संगीत विषय के प्राप्तांक पर गयी तो मिथिला विवि के इस गलती पर दुःख के साथ हंसी आने लगा अपनी किस्मत पर। सबसे बड़ी समस्या प्रीति के साथ यह हो गयी कि यदि ओरिजिनल मार्कशीट भी कहीं प्रस्तुत करती है तो 25 में 40 अंक मिले देख इसे फर्जी ही समझा जाएगा। यदि उसे असली बताती है तो जिस विवि से डिग्री प्राप्त की उसके स्तर पर सवाल उठ जाएगा।

यहां सवाल एक प्रीति का नही है। प्रीति जैसे सैकड़ो छात्र छात्राओं का भविष्य हर वर्ष विवि प्रशासन की गलती की वजह से अँधेरे के गर्त में जा रहा है। कर्मचारियों के वेतनों पर करोड़ो खर्च होने के वाबजूद इन्ही कर्मचारियों के लापवाही का शिकार छात्रों को होना पड़ता है पर व्यवस्था नही सुधरती। हर बार मामले की लीपापोती होती है पर कोई ठोस कारवाई नही होने के कारण ऐसे लापरवाह कर्मचारियों का मन बढ़ा ही रहता है और रिजल्ट में सुधार के नाम पर आमदनी की एक नयी दूकान भी चालू हो जाती है।

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