
स्वच्छता रैंकिंग पर अमरनाथ गामी का कटाक्ष, कहा- कचरा रखने केलिए झोला भी साथ ले जाएं यात्री। Voice of Darbhanga

दरभंगा: जदयू विधायक सह बिहार विधानसभा प्रश्न एवं धयानाकर्षण समिति के सभापति अमरनाथ गामी ने स्वच्छता के सर्वे पर दरभंगा जंक्शन के सबसे निचले पायदान पर आने पर अपने चिरपरिचित अंदाज में फिर एकबार कटाक्ष के रूप में जोरदार हमला बोला है।
श्री गामी ने इसपर कटाक्ष करते हुए कहा कि तीन साल के विकास का परिणाम है कि दरभंगा जंक्शन साफ़ सफाई के मामले में देश का सबसे फिसड्डी जंक्शन साबित हुआ है। पर इसमें विकास का वादा करने वाले सरकार से जनता को सवाल नही करना चाहिए। आखिर जनता ने वोट देकर विकास को जिताया है तो जनता को शिकायत करने का हक क्यों होगा। जनता ने तीन साल में 15-20 % तक बढ़ा हुआ किराया भी स्वच्छता केलिए दिया क्योंकि विकास केलिए वोट सरकार को दिया है। पर विभाग रख रखाव और साफ़ सफाई की व्यवस्था नही कर पाया तो जनता को ही साफ़ सफाई का ख्याल रखना चाहिए। खाने पीने की वस्तु लेकर चलते हैं तो एक अलग झोला लेकर चले और खाने पीने के बाद कचरे को स्टेशन पर फेंकने की व्यवस्था न हो तो कचरे को झोले में रख लें। स्टेशन पर सफाई कर्मचारी की कमी है तो मंदिर की तरह चप्पल जूते उतार कर झोले में रख कर स्टेशन के अंदर प्रवेश करें तो ही साफ़ सफाई रहेगी। जनता ये सब करे पर जिसे वोट दिया और चुपचाप बढ़ा हुआ किराया स्वच्छता के नाम पर दिया है, उस विकास की सरकार से सवाल न करे!
प्रतिनिधियों पर कटाक्ष करते हुए श्री गामी ने कहा कि जिस प्रतिनिधि को लगातार चुना और सरकार में भेजा उनके पास रेल विभाग नही है तो उनका कोई दायित्व थोड़े बनता है। उनका काम सिर्फ विकास की सरकार केलिए जनता से वोट लेना है। बाकी साफ़ सफाई हो न हो, उनसे मतलब रखना उनका काम थोड़े है!
श्री गामी ने अपने कटाक्ष को तीव्र करते हुए कि यदि शौचालय की उपलब्धता या रखरखाव की व्यवस्था स्टेशन पर न हो तो अब उसका व्यवस्था भी जनता खुद सोचे। पर विकास को वोट दिया है उससे सवाल न करे।
साथ ही श्री गामी ने जिम्मेवारी से भागने वाले प्रतिनिधियों को निशाना बनाते हुए कहा कि अब वे इस फिसड्डी आने के शर्मनाक घटना पर जवाब नही देकर यही कहेंगे कि 70 सालों में कांग्रेस ने क्या किया, लालू या नितीश ने रेल मंत्री रहते हुआ क्या किया। पर कोई जिम्मेवारी नही लेंगे और इस सवालो को उठा कर जनता पर ही दोष मढ़ेगे कि जनता ने वोट दिया है तो सवाल न करे, विकास करने दे। साफ़ सफाई एवं शौचालय के रखरखाव की व्यवस्था स्टेशन पर नही है तो जनता शिकायत न करके खुद घर से व्यवस्था करके चले तभी स्वच्छता आएगी।

