
पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रच ली थी पति के हत्या की साज़िश पर मोबाइल रिकॉर्डिंग ने खोल दिया राज। Voice of Darbhanga

दरभंगा: कहते हैं कि पति पत्नी का रिश्ता भरोसे का रिश्ता होता है। पर कुछ लोग हवस के आँधी में भरोसे का भी खून कर जाते हैं और सबकुछ खत्म हो जाता है।
कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है जाले थाना अंतर्गत दोघरा निवासी मो0 सज्जाद अंसारी के साथ। मो0 सज्जाद की शादी आठ साल पहले शबाना खातून के साथ हुई थी। सज्जाद मुंबई में रह कर काम करता था। इसी बीच उसकी पत्नी का प्रेम संबंध जाले के मो0 ईसाद कबाड़ी के साथ हो गया था। उसकी पत्नी करीब 6 महीने पूर्व मो0 ईसाद के साथ भाग रही थी तो गाँव के कुछ लोगो ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया है। पर शबाना ने उन ग्रामीणों पर ही झूठा केस कर के फँसा दिया था। करीब डेढ़ महीने मो0 सज्जाद घर लौटा तो उसकी पत्नी पुनः ईसाद के साथ भाग गई। करीब 20-25 दिन बाद शबाना के माँ-बाप शबाना को पुनः सज्जाद के पास पहुंचा गये कोर्ट में बांड आदि बना कर। कई प्रयासों के बाद मो0 सज्जाद ने सामाजिक लोगो के कहने पर पुनः अपनी पत्नी को रख लिया। जब वह मोबाइल घर में छोड़ कर निकलता था तो उसकी पत्नी अपने प्रेमी उसी के मोबाइल से बात करती थी। उसे यह नही पता था कि मोबाइल में रिकॉर्डिंग भी होता था। मो0 सज्जाद भी अपनी पत्नी से प्रेम करता था और विश्वास के साथ रख लिया था। पर शुक्रवार की सुबह उसने अपने मोबाइल को चेक किया तो उसकी पत्नी और उसके प्रेमी मो0 ईसाद के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सुनी तो उसके होश उड़ गए। उसकी पत्नी अपने प्रेमी से कह रही थी कि मो0 सज्जाद को खत्म करना बहुत आसान है उसके लिए। जब चाहे जहर देकर मार सकती है क्योंकि अब सज्जाद को उसपर विश्वास हो गया है। इसपर उसका प्रेमी बिना देर किए जल्द उसे मार देने की बात कहता है।
इस बातचीत को लेकर तुरंत मो0 सज्जाद ने लिखित आवेदन एएसपी दिलनवाज अहमद को दिया और रिकॉर्डिंग की सीडी भी दी। आवेदन में उसने पंचायत के मुखिया नूर आलम को भी संदिग्ध बताया है क्योंकि मुखिया की बात भी अक्सर उसके बीबी से होती रहती है।
इस पुरे मामले पर वॉइस ऑफ़ दरभंगा से बात करते हुए एएसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि प्राप्त आवेदन और साक्ष्य के आधार पर संबंधित थाना को साक्ष्यों की जांच कर त्वरित कारवाई का आदेश दे दिया गया है।

