
जब भाजपा का कोई प्रत्याशी नही था तो क्यों हुई नगर विधायक की भिड़ंत पूर्व मेयर से! Voice of Darbhanga

दरभंगा: यूँ तो चुनाव में कोई भी हो, जीतने केलिए नेता सबकुछ लगा देते हैं, पर कुछ लोग सार्वजिनिक रूप से अपने छवि को बिगड़ने नही देते जब वह विधायक जैसे महत्वपूर्ण पद पर हों। पर आज निगम चुनाव के दौरान वार्ड सात के बूथ नम्बर पांच पर जो हुआ, वह कहीं न कहीं किसी जनप्रतिनिधि की मर्यादा के अनुकूल नही दिखा। वार्ड सात के बूथ नम्बर पाँच पर भाजपा के नगर विधायक संजय सरावागी वोट गिराने लाव लश्कर के साथ पहुँचे। आरोप है कि वोट गिराने के बाद बूथ पर खड़े मतदाताओं को अपरोक्ष रूप से प्रत्याशी विशेष के विषय में कुछ आपत्तिजनक बाते कहें और वहां लोगो को किसी अन्य प्रत्याशी को वोट देने को कहे। इसपर कुछ भड़क गये और नगर विधायक को उल्टा उनका कोपभाजन बनना पड़ा। मामले की खबर मिलते ही पूर्व मेयर ओमप्रकाश खेड़िया तुरन्त बूथ के पास पहुंचे और नगर विधायक के बूथ पर या उसके आसपास रुकने एवं लोगो को प्रभावित करने पर आपत्ति जतायी। इसपर नगर विधायक भड़क गये और उनसे भी उलझ गए। दोनों के बीच काफी तूतू मैंमैं हुई। इतने में कुछ स्थानीय लोग भी विधायक के द्वारा आचार संहिता का उलंघन बता कर विरोध जताने लगे। इसी बीच इसकी जानकारी जिकाधिकारी को भी दे दी गयी। जिलाधकारी द्वारा स्पष्ट कहा गया कि विधायक केवल वोट गिरा सकते हैं और वोट गिराकर चुपचाप उन्हें घर चले जाना है अन्यथा प्रथिमिकी दर्ज हो सकती है। इस बात की सूचना विधायक को जिलाधिकारी द्वारा दिलवायी गयी। अंत में हर तरफ से अपना पक्ष कमजोर होते और लोगो का आक्रोश बढ़ते देख नगर विधायक ने पतली गली पकड़ने में ही भलाई समझी और चुपचाप घर निकल लिए।
इस बीच यह भी बात महत्वपूर्ण लगी कि ओमप्रकाश खेड़िया की तो पत्नी उम्मीदवार थी और उनके सक्रिय होने का कारण स्पष्ट था। पर कोई भी भाजपा या नगर विधायक का रिश्तेदार उम्मीदवार भी नही था, फिर नगर विधायक ने फ़ालतू में किसके लिए अपनी फजीहत करवायी!

