
जयमाल के बाद सिंदूरदान के समय लड़की पक्ष ने शादी से किया इंकार। Voice of Darbhanga

कमतौल : दिल की अरमाँ आंसुओं में बह गए। यह शब्द बीती रविवार की रात उस वक्त साबित हुआ जब दुल्हन पक्ष ने वर पक्ष को अचानक सिंदूर दान करने से रोक दिया। यह मामला है कमतौल थाना क्षेत्र के मुहम्मदपुर पछियारी टोल का।प्राप्त जानकारी के अनुसार मुहम्मदपुर निवासी रामबृक्ष साह की दूसरी पुत्री की शादी मधुबनी जिला के बिस्फी थाना क्षेत्र के भैरवा गांव निवासी दिनेश साह के पुत्र राजीव कुमार साह से रविवार 21 मई को होनी थी. सादी की तैयारी दोनो पक्ष की ओर से अपने-अपने चरम पर थे. वधु पक्ष का घर आंगन सज कर दुल्हन की तरह तैयार था, टोले मोहल्ले के लोंगो में भी जबरदस्त उत्साह था. वर पक्ष की ओर से दूल्हे के साथ बरात गाजे बाजे नाच गाना करते वधु पक्ष के गांव पहुँची. ग्रामीणों ने बारात का सत्कार भी किया। आपस में दोनो पक्ष के लोग एक दूसरे से गला मिले फिर ग्रामीणों ने दूर से आये बरात को टेबल कुर्सी पर बैठा कर सभी बरातियों को नास्ता पानी चाय काफी आदि से स्वागत किया. तबतक उधर से बधु भी मिथिला के रीति-रिवाज के तहत अपने दर्जनों संगी सहेली के साथ जयमाला मण्डप पर पहुँच कर उत्साह के माहौल में वर व बधु ने एक-दूसरे को गले में माला पहनाकर बतौर जयमाला की रश्म पूरी की. इसके बाद ग्रामीणों ने सभी बरातियों को खाना भी खिलाया. फिर परीक्षण करके दूल्हे को संगी सहेली सब परीक्षण करके आंगन ले गए. आँगन में शादी का कार्यक्रम शुरु हुआ. इसी बीच जब सिंदूरदान का समय आया तो अचानक वधु पक्ष ने दूल्हे को विकलांग बताते हुए सिंदूर दान करने से रोक दिया. फिर क्या था खुशनुमा माहौल तनाव में बदल गया और शादी वहीं पर रुक गई. जब सुबह हुआ तो दोनों पक्षों के बीच पंचैती हुई. पंचो के बीच वधु पक्ष ने कहा लड़का एक पाँव से विकलांग है. इस लिए शादी नहीं करेंगे, हमारा जो बरात के भोजन, टेंट जनरेटर में खर्चा हुआ है वह वापस चाहिए, वहीं लड़का पक्ष ने कहा कि लड़का का एक पाँव बाइक एक्सीडेंट में टूट गया था, जो शादी तय होने से पहले वधु पक्ष को मैंने बता दिया था. तब जाकर शादी तय हुई थी. इतना ही नहीं वधु पक्ष के लोग सादी से पहले लड़का को अपने साथ कई दिन बाजार में खरीदारी के लिए भी ले गये है. विकलांगता की सारी जानकारी वधु पक्ष को पूर्व से है. हलाकि बर पक्ष की इस बात की पुष्टि स्थानीय ग्रामीण भी अधिक संख्या में की लड़का वाले ने और बताया कि इस सदी में मेरा भी 60 हजार का जेबर, 35 हजार का कपड़ा, 25 हजार की गाड़ी, एवं अन्य खर्च मिलाकर करीब मेरा भी दो लाख रुपया खर्चा है. दोनों पक्षो की बात सुन स्थानीय पंचो ने बर पक्ष को 80 हजार का हर्जाना जमा करने को कहा पंचो की बात पर वर पक्ष ने बतौर जुर्बाना जमा कर गमगीन माहौल में लूट गए लूट गए कहते बिना दुल्हन लिए वापस अपने गांव सोमवार को सुबह करीब 8 बजे चले गए. हलाँकि पंचों द्वारा लिए गए फैसलों को कुछ ग्रामीणों ने दबे शब्दों से विरोध भी किया.

