
एलएनएमयू में सहायक प्राचार्याें की कार्यशाला आयोजित। Voice of Darbhanga

दरभंगा: जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने आज यहां कहा कि शिक्षक वर्ग में बिना किसी द्वेष, भाव और निष्ठा से अपना ज्ञान छात्रों के बीच बांटता है. शिक्षक का मूल उद्देश्य ही समाज के लिए ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है जो आगे चलकर देश और विदेशों में अपनी शिक्षा का महत्व सबों की बीच रख सकें. कुलपति प्रो. सिंह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं प्रबंधन सभागार में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त तीन विषयों के सहायक प्राचार्यों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर इंगित करते हुए कहा कि मिथिला का संबंध बनारस से काफी पुराना रहा है. उन्होंने कहा कि बनारस विश्वविद्यालय की स्थापना में दरभंगा महाराज का जो स्वर्णिम योगदान रहा है. इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. वहीं बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के कुलपति प्रो. ए.एन यादव ने कहा कि शिक्षक अगर अपने समय पर अडिग रहे तो छात्रों से किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि छात्र भले ही दो ही क्यों न हों, शिक्षक को उतने ही चाव से वर्ग लेना चाहिए, ऐसा लगना चाहिए कि जैसे वर्ग सैकड़ो छात्रों से भरा हुआ है. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने नवनियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों को अपने क्षेत्र में हो रहे सोध से निरंतर अद्यतन रहना चाहिए. कार्यक्रम के प्रारंभ में कुलसचिव डॉ. मुस्ताक कमाल अंसारी ने नवनियुक्त शिक्षकों को विश्वविद्यालय की ओर से शुभकामना दी. इस मौके पर विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. इंद्रनाथ मिश्रा, विकास पदाधिकारी डॉ. के.के साहु, डॉ. बीबीएल दास आदि उपस्थित थे.

