
मेयर पद पर महागठबन्धन का पलड़ा भारी देख कर नगर विधायक भी खेल सकते हैं नया दांव। Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
दरभंगा नगर निगम के चुनाव परिणाम आ जाने के बाद से ही मेयर पद को लेकर पूर्व मेयर ओमप्रकाश खेड़िया की पत्नी वैजंती खेड़िया प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रही हैं तो वर्षों से निगम में अपनी सत्ता काबिज कर अपना वर्चस्व रखने वाले नगर विधायक संजय सरावगी इस बार अपने गणितीय आंकड़े के जाल में उझल गए हैं। संजय सरावगी की निगम में चलती थी। पिछली बार डिप्टी मेयर और मेयर के पद पर बॉबी खॉं और गौड़ी पासवान को लाने के लिए कई बैठके हुई। एक पूर्व डिप्टी मेयर एहसानुल हक के घर पर बैठक कर मुन्ना खॉं तक को भी मनाने का प्रयास किया गया था। लेकिन उस समय निगम के पार्षदों के आंकड़ों का गणित विधायक के पक्ष में था इस बार शहर में भाजपा के अधिक उम्मीदवारों के आपस में ही लड़ जाने के कारण भाजपा को काफी नुकसान उठाना पड़ा।
इस बार के निगम का स्वरूप महागठबंधन के पक्ष में अधिक दिख रहा है और राजद के वरीय नेताओं एवं जदयू के नेताओं के द्वारा पार्षदों को महागठंधन के पक्ष में गोलबंद करने में लगे हुए है। वहीं नगर विधायक जो राजनिति के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं अभी खामोशी के साथ परिस्थति का अध्ययन कर रहें हैं। लेकिन अभी पटना में रहकर दरभंगा की हर राजनिति पर काबू पाने की कोशिश में हैं। लेकिन चर्चा है कि विधायक संजय सरावगी अभी तीन नामों को आगे लाएॅंगें। लेकिन उनका अतिंम रणनिति में नाम मधुबाला सिन्हा हो सकती है क्योंकि वो खेड़िया के प्रभुत्व को रोकने के लिए किसी भी रणनिति को गले लगा सकते हैं। चर्चा और भी है और सारे घटनाक्रम राजनितिक जानकारों की पैनी नजर भी है।
नगर विधायक के नजदीकी सूत्रों के मुताबिक वे अभी पटना में है दो दिन बाद लौटकर देखेंगें क्या होता है। लेकिन चर्चा शहर में है कि वर्षों तक एकाधिपत्य रखने वाले नगर विधायक की मुश्किलें पहली बार बढ़ गई है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या वो अपने सिद्धांत और पार्टी लाईन से हट कर कार्य करेगें। अगर ऐसा करते हैं तो पार्टी के अंदर अनके खिलाफ गुस्सा और अधिक भड़क सकता है। सूत्रों का मानना है कि विधायक अभी भी निजि तौर पर मंथन करने में जुटे हैं और अंतिम समय में कोई अप्रत्याशित दांव भी खेल कर सबको चौंका सकते हैं।

