
माँ-बाप ने जब दहेज़ के कारण तोड़ी शादी तो युवा जोड़े ने खुद कर ली शादी। Voice of Darbhanga

दरभंगा: समाज में दहेज़ प्रथा म विरुद्ध मिसाल पेश करते हुए एक युवा जोड़े ने न सिर्फ अपने प्रेम को मंजिल दे दी बल्कि दहेज के खिलाफ प्रेरणा जगाने का काम कर डाला। पुलिस ने शुक्रवार को लड़का पक्ष पर किए गए अपहरण के मामले को शर्तों के साथ वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ये दिलचस्प वाकया जाले थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक प्रियंका कुमारी नाम की लड़की ने अपने परिवार की नाराजगी और मिट्ठू राम नाम के लड़के ने अपने परिवार के विरूद्ध जाकर शादी कर ली। असल में साल भर पहले दोनों की शादी तय हुई थी और फलदानी भी हुई।
दोनों की आत्मिक मिलन शादी की तारीख इसी साल 17 मई को तय थी। लेकिन सिंहवाड़ा थाने के मईन गांव की रहने वाली प्रियंका की मां मुनर देवी ने लड़का पक्ष की तरफ से दहेज की मांग करने का इलजाम लगाते हुए शादी तोड़ दी और अपनी बेटी की शादी दूसरे लड़के से तय कर दी। वो शादी भी 17 मई को ही होनी थी.
लड़का मिट्ठू राम जाले थाने के खड़का बसंत गांव का निवासी है. इस बीच मिट्ठू राम से शादी तय होने के बाद से ही महीनों तक प्रियंका उससे फोन के जरिए बात-चीत करती रही। दोनों के बीच शादी से पहले ही प्रेम प्रगाढ़ हो चुका था। लेकिन दोनों परिवारों की तरफ से दहेज के नाम पर खलिस बढ़ी तो युवा जोड़ा विचलित हो उठा।
प्रियंका कुमारी ने बताया कि उसकी मां ने जब उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी तो वो परेशान हो उठी।
उसने मिट्ठू से बताया कि उसे ही वो अपना हमसफर बनाना चाहती है। मिट्ठू की इच्छा भी यही थी। दोनों ने घर छोड़ने का मन बना लिया। मिट्ठू की प्रियंका केलिए चाहत के सामने उसके परिवार की दहेज की लालसा बौनी पर गई। 17 मई शादी का दिन था दोनों 15 मई को ही अपने घरों से निकल गए। बाद में दोनों ने शादी कर ली।
प्रियंका ने ये भी कहा कि दहेज के नाम पर 21 हजार रूपये और आठ आना भर सोना की मांग की गई थी।
शुक्रवार को प्रियंका अपने सास के साथ पुलिस से गुहार लगाई। उसने गुजारिश की है कि उसके ससुराल पक्ष पर दर्ज मामले को समाप्त कर दिया जाए। पुलिस ने भी सशर्त मामला वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया।

