
जप्त चावल मामले में डीलर को क्लीन चिट देना बना चर्चा का विषय। Voice of Darbhanga

बेनीपुर : शनिवार को आशापुर पट्टी टोल से पुलिस द्वारा जप्त एसएफसी का चावल मामले में प्रसानिक क्लीन चिट क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग अब आपूर्ति पदाधिकारी को जनता के बजाय डीलर का संकट मोचक की संज्ञा देने लगे है। ज्ञात हो कि दस जून को बहेड़ा थाना पुलिस नें टेम्पो पर लादकर दस बोरा चावल ले जाते हुए टेम्पो चालक को हिरासत में लिया था। चालक ने पुलिस को पुछताछ में बहेड़ा के एक डीलर का नाम बताते हुए उनके घर से पोहद्दी के एक बहुचर्चित व्यावसायी के धर पहुँचाने की बात बतायी। थानाध्यक्ष पी एन चौधरी ने घटना की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी को दी। अनुमंडल पदाधिकारी ने प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी को जाँच का आदेश दिया। आपूर्ति पदाधिकारी ने अपने जाँच में डीलर के स्टाॅक पंजी एवं भण्डार का सत्यापन करते हुए डीलर को क्लीन चिट दे दिया। दूसरी ओर जिप सदस्य राम कुमार झा बब्लू मामले का उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए आपूर्ति पदाधिकारी पर सवालिया निशान खङा करते हुए कहा कि आपूर्ति पदाधिकारी जनता के बजाय डीलर के संकट मोचक हैँ। भाजपा के मण्डल अध्यक्ष संतोष झा, कैलाश झा एवं राजीव झा ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच नहीँ किये जाने पर आन्दोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बिल्ली को दूध की रखवाली सौपी गयी है। इससे पहले जौघट्टा गाँव से बरामद सैकड़ों बोरा चावल में उक्त एम ओ ने डीलर को क्लीन चिट दिया था लेकिन खाली राशन कार्ड के साथ चरणबद्ध आन्दोलन के बाद न केवल डीलर निलंबित हुए बल्कि 7ई सी के मुकदमे के साथ अनुज्ञप्ति भी रद्द हुआ। साथ ही गत फरवरी माह मे थाना क्षेत्र के पोहद्दी गाँव में पीक अप लोड एस एफ सी का चावल जप्त हुआ और थाना पहुचने से पूर्व रास्ते में ही क्लीन चिट मिल गयी जबकि पी अप के चालक भाग चुके थे। इस संबंध में एमओ शिव कुमार साहु ने बताया कि यह साठ किलो का बैग है, एस एफ सी से 50किलो का बैग आता है।और हाथ का सिलाई है।दुसरी ओर थानाध्यक्ष पी एन चौधरी ने पुछने पर बताया कि एस एफसी का चावल यदि नही है तो अभी तक चावल का दावेदारी करने कोई नही आया है।

