Home मुख्य महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने की बात करने वाले नितीश तीन तलाक पर चुप क्यों: योगी। Voice of Darbhanga
मुख्य - June 15, 2017

महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने की बात करने वाले नितीश तीन तलाक पर चुप क्यों: योगी। Voice of Darbhanga

IMG_20170616_064611दरभंगा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहली बार मिथिला की धरती पर दरभंगा आए थे, लेकिन प्रथम यात्रा में हीं वे पूरी तरह चुनावी रंग में दिखे. कार्यक्रम था मोदी फेस्ट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीन साल के कार्यकाल में किए गए कार्याें का जन-जन तक पहुंचाना पर पूरा भाषण चुनावी रंग में दिखा. उन्होंने अयोध्या, तीन तलाक और बूचड़खाना का मुद्दा उठाया तो वहीं जदयू राजद की बेमेल शादी करार दिया. श्री योगी ने यहां घोषना की अयोध्या और सीतामढ़ी को जोड़ा जाएगा और उसका नाम राम जानकी होगा. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि अयोध्या को लेकर आप लोगों की जो इच्छा है उसे मैं पूरा करूंगा. यूपी के मुख्यमंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी जवाब दिया और कहा कि नीतीश कुमार महिलाओं को बराबरी का दर्जा की बात करते हैं, लेकिन तीन तलाक के मुद्दे पर उनको बोलने की हिम्मत नहीं है. जबकि आधी आबादी में बड़ी आबादी तीन तलाक से पीड़ित है. योगी यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि मैने सत्ता संभाली तो दूसरे दिन ही बूचड़खाने को बंद करा दिया. नीतीश में हिम्मत है तो वे ये करके दिखावें. सनद रहे कि एक दिन कवल ही दरभंगा में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यूपी में शराबबंदी करने की नसीहत श्री योगी को दी थी. उसी के जवाब में योगी ने तीन तलाक का पासा फेंका. योग के मुद्दे पर भी श्री योगी राजनीति करने से नहीं चूके. उन्होंने कहा कि योग को पूरे विश्व में मान्यता मिली है, लेकिन यहां की सरकार तो कार्यक्रम आयोजित करेगी नहीं आप लोग अपने स्तर से करें. अलवत्ता लपेटे में उन्होंने पाकिस्तान को भी लिया और कहा कि पाकिस्तान को भी योग करना होगा. वैसे वे अमेरिका का जिक्र भी किया और कहा  कि अमेरिका में भी प्रधानमंत्री मोदी की मांग सबसे अधिक है. वैसे योगी ने अपने यात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डाला और स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी यात्रा बिहार में कमल खिलाना है और इसके लिए वे 2020 तक लगातार बिहार आएंगे और हर जिला में जाएंगे. वे अपना भाषण भी जय श्रीराम के उद्घोष के साथ संपन्न किया. कुल मिलाकर कहें तो योगी की यात्रा पूरी तरह चुनावी रंग में दिखी और अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार करने में वे कोई कोर कसर नहीं छोड़ी.

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