
15 दिन में प्रगति नहीं दिखी तो कार्रवाई, दरभंगा जंक्शन के कार्यों पर सांसद की सख्ती।
दरभंगा: जंक्शन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने के लिए चल रहे निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह चेतावनी सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्यों में अपेक्षित और संतोषजनक प्रगति नहीं दिखी, तो संबंधित अभियंताओं और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

रविवार को सांसद ने दरभंगा जंक्शन स्थित सभाकक्ष में रेलवे के अभियंताओं और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने अभियंताओं के साथ स्टेशन परिसर में चल रहे विश्वस्तरीय स्टेशन निर्माण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण भी किया और कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।

सांसद ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद बिहार में रेलवे की 57 परियोजनाओं में कुल 86548 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे नई रेल लाइनों के निर्माण और अन्य आधारभूत ढांचे का व्यापक विकास हो रहा है। वहीं डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने सांसद को जानकारी दी कि राज्य के 98 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिनमें 85 स्टेशनों पर काम प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि दरभंगा स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित किया जाना इसका प्रमुख उदाहरण है।

बैठक के दौरान सांसद ने रेलवे के मुख्य अभियंता को स्टेशन की कुल 43 एकड़ भूमि का नए सिरे से सीमांकन कराने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने लहेरियासराय स्टेशन के पूर्वी हिस्से की लो-लैंड भूमि में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान, हरनगर से कुशेश्वरस्थान के बीच 38 किलोमीटर रेलवे लाइन के कार्य को शीघ्र पूरा करने तथा 389 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा बाईपास रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया मिशन मोड में शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने पंडासराय 18 नंबर गुमटी से 21 नंबर चट्टी गुमटी तक नाला निर्माण कार्य के भौतिक सत्यापन का भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।


