
जाले के मुरली ने जीता एशिया कप में स्वर्ण पदक। Voice of Darbhanga

दरभंगा: जाले के स्थानीय कचहरी मुहल्ला के गणपति बाजार निवासी कैलाश साहू के पुत्र मुरली साहू ने थाईलैंड में आयोजित प्रथम इम्प्ररर ताइक्वांडो एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतकर अपने गांव व जिला के साथ पूरे देश का नाम रौशन किया है। स्वर्ण पदक जीतकर गांव लौटे श्री मुरली ने एक भेंट में जागरण को बताया कि मई में वह राष्ट्रीय ताइक्वांडो एसोसिएशन ऑ़फ इंडिया की ओर से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने थाईलैंड गया था। जहां 24 देशों के खिलाड़ियों के साथ हुए मुकाबला में उसने भारत की ओर से खेलते हुए 17 आयुवर्ग ओवर 85 किलोवर्ग में जापान, थाईलैंड, साऊथ कोडिया, चीन, भूटान, नेपाल समेत 8 देशों के खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। इनके साथ प्रतियोगिता में थाईलैंड गए सभी छह खिलाडियों ने विश्व एशिया कप पर कब्जा जमाया है। श्री मुरली ने बताया कि वे अपने टीम के कोच सुमित चक्रबर्ती के नेतृत्व में साऊथ कोरिया में 26 जून से 1 जुलाई तक आयोजित होने वाली विश्व ताइक्वांडो प्लेयर प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इनकी इस सफलता पर स्थानीय विधायक जीवेश कुमार ने इन्हें बधाई दी है। वहीं मुरली के गांव आते ही सैकड़ों ग्रामीणों ने इनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शनिवार को जाले दक्षणी के मुखिया राजदेव महतो, सरपंच अनिल कुमार धीर, जिला पार्षद सुशीला देवी, 20 सूत्री के पूर्व अध्यक्ष नरेश चौधरी, जाले उत्तरी के पूर्व मुखिया मुमताज अहमद सहित कई लोगों ने मुरली के घर पहुंच उनको मुबारकबाद दी। मुरली की मां मीना देवी व पिता कैलाश साह अपने पुत्र की सफलता पर गौरवांवित है।

