
नगर निगम मे सत्ता बदलने पर भी हालत बदलने के संकेत नही। Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
आज शाम मानसून की पहली बारिश ने एकबार फिर दरभंगा नगर निगम के तैयारियों का पोल खोल दिया। हल्की बारिश में शहर के प्रमुख गली मोहल्ले एवं बाज़ार जलमग्न नजर आने लगे। दरभंगा नगर निगम पर एक दशक से भाजपा का कब्जा था। साथ ही विधायक और सांसद भी भाजपा के हैं। भाजपा सरकार में भी रही साढ़े सात साल। सारे परिस्थिति अनुकूल होने के वाबजूद नगर निगम शहर को जलजमाव की समस्या से मुक्ति नही दिलवा पाया।
इस बार जब नगर निगम में महागठबंधन के समर्थकों का कब्जा हुआ तो लोग युद्धस्तर पर कुछ देखने को मिलने की संभावना की आस लगाये बैठे थे। महागठबन्धन की सरकार भी है, इस कारण उम्मीद और बढ़ गयी। पर सत्ता परिवर्तन के बाद नए प्रतिनिधि शायद सोच विचार में ही लगे दिख रहे हैं। जलजमाव एवं यायायात की समस्या से निजात का कोई रोडमैप शायद किसी के पास तैयार नही था जिसका घोषणा कर जनता में विश्वास जगाया जा सके। प्रतीत होता है कि एकाध साल शायद एक्सपेरिमेंट में ही बीत जाएगा। दरभंगा के प्रथम महिला मेयर वैजंती खेड़िया के पति ओमप्रकाश खेड़िया को 15 वर्ष के मेयर पद का अनूभव रह चुका है जिससे अपेक्षाएं और बढ़ गयी। लोगो को उम्मीद थी कि श्री खेड़िया को शहर की समस्याओं का अनूभव है और कोई मास्टर प्लान जरूर बनाये होंगे। पर अभी तक किसी प्रकार के प्लान को सार्वजिनिक न करके जनता के अविश्वास को विश्वास में नही बदला जा सका है।

