
चूहे के बाद अब चोरो ने सरकारी गोदाम की छत खोलकर उड़ायी शराब। Voice of Darbhanga

दरभंगा : जितने भी अजूबे होते हैं सरकारी तंत्र के, वो सभी शराबबंदी के दौरान नजर आने लगे हैं. बिहार सरकार के द्वारा राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू किये जाने के बाद भी जहां तस्करों ने नये-नये तरीके इजाद किये हैं. वहीं सरकारी तंत्र भी थानों व डिपो में जमा शराब का दुरूपयोग कर रही है. कुछ दिन पहले ही राज्य में करोड़ों रूपये के शराब चूहों के द्वारा पी लिये जाने का मामला सामने आया था. लेकिन आज दरभंगा में शराब चोरी का जो मामला सामने आया है उससे सरकारी तंत्र पर कई तरह के सवालिया निशान लग गये हैं. लहेरियासराय के बरहेत्ता रोड में स्थित बिहार स्टेट डिपो कॉपरेशन में शनिवार को चोरों द्वारा टीन के चदरे के छत को खोलकर शराब की चोरी कर ली. लेकिन कितने शराब की चोरी हुई है न ही इसकी जानकारी उत्पाद अधीक्षक के पास है और न ही पुलिस प्रशासन के पास. डिपो मैनेजर नवीन कुमार ठाकुर से जब पूछा गया कि कितनी शराब डिपो में जमा है तो उन्होंने बताया कि कुल 39 हजार 785 पेटी शराब डिपो में जमा है. यह वह शराब है जिसे शराबबंदी से पहले दुकानों में सप्लाई के लिए विभिन्न कम्पनियों से मंगवाई गई थी. उन्होंने बताया कि बीयर के 17 हजार 206 पेटी और 75 बोतल खुली हुई शराब है. जबकि अंग्रेजी शराब की तादात 22 हजार 579 पेटी और खुली हुई 1774 बोतल शराब है. सनद रहे कि आज दिन के डेढ़ बजे मकान मालिक ने देखा कि डिपो के छत पर एक पेटी अंग्रेजी शराब रखा हुआ है. वहीं टीन का छत खुला हुआ है. उन्होंने इसकी जानकारी डिपो मैनेजर को देनी चाही तो वह उस समय मौजूद नहीं थे. उसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी. मौके पर बहादुरपुर थाना समेत अपर पुलिस अधीक्षक दिलनवाज अहमद भी पहुंचे. साथ में उत्पाद अधीक्षक गणेश प्रसाद भी पहुंचे. छत पर जाकर शराब की पेटी को नीचे लाया गया. पुलिस ने चोर के अंदर होने की आशंका पर सिल्ड गोदाम को खोला. लेकिन अंदर चोर नहीं मिला. वहीं इस सिलसिले में पुलिस प्रशासन से लेकर उत्पाद अधीक्षक तक अपनी चुप्पी साधे हुए हैं और कोई भी यह बताने को तैयार नहीं है कि गोदाम के अंदर से कितनी शराबों की अभी तक चोरी हुई है. डिपो मैनेजर ने बताया कि इतनी बड़ी तादात में शराब की पेटी यहां रखी हुई है कि उसे मिलाने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है. मालूम हो कि डिपो के छत पर दो गार्ड रोजाना रात में सोया भी करता है. ऐसे में अगर चोरों के द्वारा टीन का चदरा खोलकर शराब की चोरी पहले से हो रही है तो यह एक चौकाने वाला विषय है. सनद रहे कि टीन के छत के उपर अभी भी चोरों द्वारा प्रयोग में लाये गये एक गमछा भी मौजूद है. लेकिन पुलिस ने डॉग स्कॉट की मदद नहीं ली. उत्पाद अधीक्षक से लेकर डिपो के कर्मचारियों तक के बयान में विरोधाभाष नजर आ रहा है. वहीं आस-पास के लोगों के बीच में चर्चा है कि अगर सच्चाई से इसकी जांच की गई तो मिली-भगत के द्वारा शराब की चोरी किये जाने का बड़ा खुलासा सामने आ सकता है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है? इधर आनन-फानन में छत पर से शराब को हटा दिया गया और खुले चदरे को नया नट वोल्ट लगाकर कस दिया गया.

