
तीन साल में एक भी वादा जमीन पर नही उतार सकी मोदी सरकार: अशोक कुमार। Voice of Darbhanga
दरभंगा: केन्द्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है. जो वादा करके नरेन्द्र मोदी सत्ता में आए थे उसे पूरा नहीं कर पाए हैं. तीन साल बीते लेकिन एक भी वादा जमीन पर नहीं उतार पाए. उल्टे ऐसे कदम उठा रहे जिससे आम जन मुश्किलों में घिर जा रहे.
उपरोक्त बातें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और रोसड़ा विधायक अशोक कुमार ने रविवार को दरभंगा में कही. कांग्रेस कार्यालय में प्रेस मीट के दौरान उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की वादा-खिलाफी और जन-विरोधी कार्यक्रम का खामियाजा भुगतने वाले लोगों की पीड़ा महसूस करने निकले हैं. एआइसीसी के निर्देश पर केन्द्र की नाकामी लोगों को बताना है.
कांग्रेसी नेता ने कहा कि पहले कैश रिकाल और अब जीएसटी लागू कर केन्द्र ने लोगों को परेशानी में धकेला है. लोग इन निर्णयों को कुबूल कर लेंगे लेकिन उन्हें हुई दिक्कतों को याद रखेंगे. ये कदम बुरे नहीं, कांग्रेस का विरोध है कि बिना पूरी तैयारी के श्रेय लेने के चक्कर में इन्हें लागू किया गया है. रोजगार देने की चर्चा तक नहीं हो रही है.
अशोक कुमार ने दावा किया कि कैश रिकाल (नोटबंदी) का फायदा अभी तक नहीं दिखा है. जीएसटी के कांग्रेसी ड्राफ्ट को विकृत कर लागू कर दिया गया है. जिस कारण इनफ्लेशन कम नहीं हो पाएगा. टैक्स के कई स्लैब रख देने से लोगों में भ्रम की स्थिति है.
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सीताराम चौधरी के अलावा राम पुकार चौधरी, राम नारायण झा, मिथिलेश पासवान, पूनम झा, गुड़िया देवी, रियाज अली खान, त्रिभुवन कुमार, पंकज चौधरी, उदित नारायण चौधरी, अशोक पासवान, हशमत अली, दिनेश गंगनानी, धनंजय, शमशाद, कृष्ण मोहन चौधरी, सरवर हुसैन, अमरेन्द्र कुमार और रतिकांत झा आदि मौजूद रहे.
उपराष्ट्रपति पद पर नजर:
कांग्रेसी नेता अशोक कुमार ने उम्मीद जतायी कि राष्ट्रपति पद के चुनाव के जो भी नतीजे हों, उपराष्ट्रपति पद विपक्ष के खाते में जाना चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने परिपाटी विकसित की थी कि राष्ट्रपति पद सत्ताधारी पसंद का हो तो उपराष्ट्रपति का पद विपक्ष के पसंद का हो. उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रणनीति बनाने में विपक्ष को एक राय बना लेनी चाहिए.
उन्होंने स्वीकार किया कि राष्ट्रपति पद के लिए मीरा कुमार का नाम आगे करने में थोड़ी देर हो गई. सोशल मीडिया में मीरा कुमार ट्रेंड कर रही हैं और उनके लिए बेहतर राय का इजहार हो रहा है. पूर्व मंत्री ने दावा किया कि अंतरात्मा की आवाज सुनकर पार्टी लाइन तोड़कर उन दलों के वोटर भी मीरा का समर्थन कर सकते हैं जो दल कोविंद के पक्ष में हैं. हालांकि नीतीश के स्टैंड पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.

