
बिरौल एसडीओ ने लिया कुशेश्वरस्थान के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का जायजा। Voice of Darbhang

कुशेश्वरस्थान : बिरौल के अनुमंडल पदाधिकारी मो. सफीक ने आज प्रखण्ड के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के दौर के दौरान कहा कि नाव की क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर कार्रवाई होगी और बिना निबंधन के नाव का परिचालन अवैध है. अनुमंडल पदाधिकारी कमला-बलान के पश्चिमी तटबंध पर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे थे. क्षेत्र में नदियों के जल स्तर में हुई वृद्धि और फैले पानी का निरीक्षण करते हुए एसडीओ ने ईटहर पंचायत के बाढ़ से प्रभावित गांव और तटबंध के पूरव अवस्थित गांव के लोगों की आवाजाही के रास्तो पर फैले पानी वाले स्थानो को चिन्हित कर नाव चलवाने का निर्देश मौके पर उपस्थित सीओ नरेन्द्र कुमार को दिया. उन्होंने लोगों से बात चित करते हुए बताया की चौकीया से कमल-बलान पश्चिमी तटबंध और कोनिया से सीसौना दोनों स्थान के मार्ग में परने बाली नदी को जल्द ही घाट बना दिया जायेगा. मो.शफिक ने कहा इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इस बीच पिछले वर्ष सरकारी स्तर पर मिली नाव के संबंध में सीओ श्री कुमार ने बताया कि 34 नाव में 11 नाव अब चलने लायक नहीं है. शेष नाव चलायी जा रही है. इसी दौरान ग्रामीणो ने एसडीओ को बताया कि सरकारी नाव छोटी है उस नाव को नदी के भीतर (पेट) में चलाना खतरे से खाली नहीं है. वही उन्होंने ने आठ दिनों के अंदर नाव निबंधन के लिए नाव एवं नावीको की सूची तैयार करवाने का निर्देश सीओ को दिया ।निरीक्षण कर लोटे एसडीओ मो. शफिक ने बताया की फीलहाल बाढ़ की स्थिति सामान्य है और इस पर अधिकारी लगातार नजर रखे हुए है. मौके पर ईटहर के मुखिया ठको सदा दक्षिणी के प्रवीण कुमार भारती एवं पूर्व मुखिया दिलीप कुमार राय एवं द्रवेश्वर यादव सहित कई लोग उपस्थित थे.

