
मुरारी मोहन झा बने भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष। Voice of Darbhanga

दरभंगा: भारतीय जनता पार्टी के सक्रीय सदस्यता से भाजपा की राजनीती शुरू करने वाले मुरारी मोहन झा को आखिर पार्टी में कद के साथ सम्मानजनक पद भी मिल ही गया। श्री झा को भाजपा किसान मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। श्री झा ने वॉयस ऑफ़ दरभंगा से बातचीत में बताया कि आज उन्हें किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह के द्वारा उनके नियुक्ति की सूचना फोन पर दी गयी है। वे भाजपा के ईमानदार सिपाही की तरह आगे भी लगे रहेंगे। इस पद केलिए उन्होंने पार्टी एवं प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय को भी विशेष रूप से धन्यवाद दिया।
इधर इस खबर के बाद नेताओं एवं खास कर युवाओं द्वारा फोन के साथ साथ सोशल मीडिया पर श्री झा को बधाई देने का तांता लग गया। युवाओं में सोशल मीडिया में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। बधाई देने वालों में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सह ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर चौधरी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, जिला महामंत्री संजीव साह, जिला मीडिया प्रभारी अमलेश झा, प्रदेश क्रीड़ा मंच के सह संयोजक हेमंत कुमार झा, जिला प्रवक्ता रामशंकर ठाकुर, युवा भाजपा नेता बालेन्दु झा, रालोसपा के जिलाध्यक्ष राजीव कुशवाहा आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।
पार्टी सूत्रों की माने तो गत कई वर्षों से दरभंगा जिला भाजपा में एक बड़े वोट बैंक ब्राह्मण वर्ग की उपेक्षा के कारण लगातार यह वर्ग अंदरूनी तौर पर रुष्ट होता जा रहा था। हाल में हुए चर्चित मनोज चौधरी हत्यकाण्ड में भाजपा के प्रतिनिधि द्वारा जातिगत आधार पर हत्यारोपियों के मदद की खबर ने इस वर्ग के टूटने के रफ्तार में आग में घी का काम किया। जिलाध्यक्ष केलिए गोपालजी ठाकुर का नाम सबसे अधिक सर्वमान्य होने के वाबजूद वर्तमान विधायक द्वारा अपने आका के मदद से नही बनने दिया गया। पर नए प्रदेश अध्यक्ष ने स्थिति को भांपा और डैमेज कंट्रोल की कोशिश तेज की। इसी का नतीजा कहा जा सकता है कि पहले गोपालजी ठाकुर को प्रदेश उपाध्यक्ष, फिर हेमन्त झा को प्रदेश क्रीड़ा मंच का सह संयोजक, प्रदेश कार्यसमिति में अवधेश झा एवं रजनीश झा आदि के नाम के बाद किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर भी मुरारी मोहन झा को जगह दी गयी है। उपेक्षित माने जा रहे ब्राह्मण वर्ग को पद देकर पुनः पार्टी में जोड़ने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। इसी के तहत युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष की कमान भी ब्राह्मण वर्ग को ही दिये जाने की पूरी संभावना है।

