
न्याय केलिए दर दर भटकती महिला अंततः हुई अकाल मृत्यु की शिकार: सुरेंद्र भगत। Voice of Darbhanga

दरभंगा: मानवाधिकार इमरजेंसी हेल्पलाइन एसोसिएशन दरभंगा के जिला कार्यालय बनौली में आयोजित प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए जिला महासचिव सुरेंद्र भगत ने कहा कि दरभंगा जिला अंतर्गत सिमरी थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में लगातार अपने संवैधानिक अधिकार हेतु संघर्षशील मो. अंजनी देवी, पति स्वर्गीय किशोर ठाकुर ,थाना सिमरी, जिला दरभंगा को संबंधित पुलिस प्रशासन द्वारा सहयोग नहीं किया गया बल्कि उसे अपने अधिकार के प्रति बरगलाया गया साथ ही उक्त पीड़िता पर असामाजिक तत्वों द्वारा समाजिक प्रतारणा जारी रहा ।उक्त पीड़िता के समाज के लोगों द्वारा उसे सिमरी कांड संख्या 7/15 एवं महिला थाना कांड संख्या 45/16 में जबरन समझौता हेतु दवाब दिया गया ।समझौता न करने की स्थिति में पीड़िता का सामाजिक बहिष्कार( हुक्का पानी बंद) के तुगलकी फरमान सुनाया गया इस पर दिनांक 2 जून 16 को पीड़िता द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर गुहार लगाई तथा इस संबंध में आरटीआई से जानकारी भी मांगी जानकारी देने के समय पीड़िता को बरगलाया गया समाजिक प्रताड़ने से तंग बेसहारा पीड़िता ने अपने संवैधानिक अधिकारो की रक्षा करने एवं न्याय दिलाने हेतु मानवाधिकार इमरजेंसी हेल्पलाइन एसोसिएशन दरभंगा में साक्ष समेत अनुरोध की
दिनांक 11 जून17 पीड़िता अपने खेत से काम कर वापस अपने घर आ रही थी रास्ते में मुनेश्वर ठाकुर, रामप्रसाद ठाकुर, गणेश ठाकुर सभी ग्राम माधोपुर थाना सिमरी जिला दरभंगा ने टॉर्चर करते हुए धमकी दिया घर पहुंचते ही उसके छाती और पेट में दर्द होने लगा। इलाज हेतु डॉक्टर के पास गए जहां दिनांक 3 जुलाई 2017 को हॉट अटैक से पीड़िता की अकाल मृत्यु हो गई। वरीय पुलिस अधीक्षक से मीडिया के माध्यम से उन्होंने पूछा कि अपराध पीड़िता थाने में केस करना क्या गुनाह है, अगर नहीं तो उक्त पीड़िता के अकाल मृत्यु का दोषी कौन। कैसे आमजन अपने को सुरक्षित समझे यह मामला भारतीय संविधान में प्रदत्त मूल अधिकार अनुच्छेद 14 एवं अनुच्छेद 19 का स्पष्ट उल्लंघन प्रतीत होता है।

