
बारिश पर भी भारी पड़ी आस्था, 50 हज़ार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया बाबा का जलाभिषेक। Voice of Darbhanga

कुशेश्वरस्थान पूर्वी : उत्तर बिहार की प्रसिद्ध शिवनगरी बाबा कुशेश्वरधाम में सावन माह की पहली सोमवारी पर भक्तों का उत्साह छलक पड़ा. भीषण बरसात के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह पर कोई फर्क नहीं पड़ा. 50 हजार से अधिक शिवभक्त श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया. पूरे दिन हर-हर माहदेव के जयघोष से चारों दिशाएं अनुगूंजित होती रही. बरसात की परवाह किए बगैर भक्तगण बाबा कुशेश्वर को जलार्पण करने के लिए घंटों कतार में खड़े रहे.
इस दौरान न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीपीओ सुरेश कुमार खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे. इधर सलमगढ़ शिवमंदिर एवं तिलकेश्वर शिवमंदिर में भी भक्तों की भीड़ लगी रही.
अहले सुबह ही लग गयी कतार
सावन मास की पहली सोमवारी पर अहले सुबह से ही बाबा कुशेश्वर की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों का तांता लग गया. आधी रात बाद से भक्तों का पहुंचना आरंभ हो गया. देवाधिदेव की दैनिक पूजन के पश्चात भक्तों के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया. पट खुलते ही श्रद्धालुओं का उत्साह छलक पड़ा. इधर बीती रात से ही बारिश हो रही थी.
भक्तगण इस बरसात को भगवान शिव का आर्शीवाद मान खुशी-खुशी इसका आनंद लेते रहे. हाजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा कुशेश्वर को जलार्पण करने के साथ परंपरानुरूप पूजा-अर्चना की.
वाहनों के प्रवेश पर रोक को लगा बेरिकेटिंग : इधर भक्तों की सुविधा व सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गये हैं. भीड़ को देखते हुए मंदिर के निकट तक वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसके लिए जगह-जगह बेरिकेटिंग लगाया गया है. बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक के लिए दो तथा छोटे वाहनों के लिए तीन बेरियर लगाया गया है.
इसमें पाड़ो, असमा पीपल पेड़ के निकट, असमा डीहवार स्थान, पुरानी दुर्गा मंदिर उच्च विद्यालय के रास्ते पीसीसी सड़क एवं थाना से दक्षिण सुतापट्टी जाने वाली सड़क में बेरियर लगाया गया है. वहीं दो पहिया वाहनों के लिए उच्च विद्यालय प्रांगण में पार्किंग की व्यवस्था की गई है.
भीड़ के नियंत्रण को नियंत्रण कक्ष :
इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से नियंत्रण कक्षा चालू किया गया है. मंदिर के प्रवेश द्वार पर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. यहां से माइकिंग कर श्रद्धालुओं को आवश्यक निर्देश दिए जाते रहे. सुरक्षा, सतर्कता सहित कई तरह की सुविधाओं की जानकारी वहां मौजूद कर्मी देते रहे. इसका लाभ भक्तों को मिला भी.
सीसीटीवी कैमरे से निगरानी: भीड़ जुटने के दौरान भक्तों के साथ किसी तरह की घटना पर रोक तथा उस पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गये हैं. मंदिर की गर्भगृह, मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार सहित कुल आठ मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गये हैं. इसके माध्यम से निगरानी की जाती रही.
मेटल डिटेक्टर से जांच: असमाजिक तत्वों पर जहां एक ओर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती रही, वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर में प्रवेश पर रोक के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा मंदिर के प्रवेश गेट परमेटल डिटेक्टर से जांच की जाती रही. जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया गया. पुअनि देवनाथ शर्मा को इस काम में लगाया गया था. वहीं एसडीपीओ सुरेश कुमार खुद भी इसकी निगहबानी करते रहे.
महिला पुलिस भी तैनात : सुरक्षा के मद्देनजर पुरूष बल के जवानों के साथ ही महिला आरक्षियों को भी सुरक्षा में लगाया गया था. कुल 112 पुलिस बल को तैनात किया गया था. मंदिर के गर्भ गृह एवं मंदिर परिसर में जगह-जगह पुलिस की बल तैनाती की गयी थी. इसमें 24 महिला एवं 88 पुरुष पुलिस बल के जवान तैनात थे. सुरक्षा में पुअनि पवन कुमार झा, चौकीदार जयजय राम पासवान, बम बम कुमार, संतोष पासवान सहित थाना के चौकीदार एवं दफेदार को भी शिवनगरी में जगह-जगह तैनात किया गया था.
इस कड़ी सुरक्षा व विपरीत मौसम के बीच भक्तों ने बाबा कुशेश्वर का पूजन किया. साहो के दिलीप यादव,रम्बारी के बब्लू राय, सहरसा के सुशील कुमार, खगड़िया के दिनेश यादव, नेपाल की कंचन कुमारी, बेगूसराय की आरती देवी सहित कई श्रद्धालुओं ने बताया कि बाबा के जलाभिषेक के लिए असमा से ही पैदल चलकर यहां पहुंचे. शिवगंगा में स्नान कर चन्द्रकूप से जल भरने जलाभिषेक के लिए अपनी लाइन में लगे. यहां महिला एवं पुरुष भक्तों के लिए अलग-अलग कतार लगायी गयी थी. इससे श्रद्धालुओं को परेशानी कम हुई.
दान देनेवालों का नाम होगा अंकित :वहीं न्यास समिति अध्यक्ष सह एसडीपीओ श्री कुमार ने बताया कि न्यास समिति ने दान देने वाले भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था रखी है. इस निर्णय के अनुसार जो भी भक्त 11 हजार से अधिक दान देते हैं तो उनका नाम मंदिर के मुख्य द्वार पर मार्बल पर अंकित कर उसे मुख्य द्वार पर लगाया जाएगा.

