Home मुख्य आफत की बरिश से डीएमसीएच में बाढ़ जैसा नजारा, मरीजो में त्राहिमाम। Voice of Darbhanga
मुख्य - July 10, 2017

आफत की बरिश से डीएमसीएच में बाढ़ जैसा नजारा, मरीजो में त्राहिमाम। Voice of Darbhanga

 

दरभंगा  : जिले में लगातार हो रही आफत की बारिश से डीएमसीएच में अफरा-तफरी मचा हुआ है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण डीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड, आउटडोर, गायनिक वार्ड, मेडिसीन वार्ड, शिशु रोग वार्ड, ईएनटी, पैथोलॉजी व आंख रोग विभाग में पानी घुस गया है. वहीं अधीक्षक कार्यालय व पूरे अस्पताल परिसर से लेकर मुख्य पथ पर जलमग्न सा नजारा दिख रहा है. चारों तरफ पानी-पानी हो जाने से जहां मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं ड्यूटी पर तैनात नर्स, पारामेडिकल कर्मियों व चिकित्सकों को भी दिक्कतें आ रही है.

जलजमाव के कारण सोमवार को बहुत सारे नर्स, कर्मी व चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं आ सके. वहीं शाम के बाद डीएमसीएच में एक भी वरीय चिकित्सक नजर नहीं आये. इससे अस्पताल पूरी तरह से पीजी डाक्टरों के हवाले हो गया है. बताया जाता है कि पीजी डाक्टरों की संख्या भी गिनती में ही ड्यूटी पर तैनात नजर आये. इसके कारण अस्पताल में मरीज भगवान भरोसे ही रह गये हैं. हाल यह है कि भर्ती मरीज कराह रहे हैं लेकिन, उनकी दर्द सुनने वाला कोई नहीं है. आलम यह है कि मरीज अब पलायन करने लगे हैं.

 

नर्स व पारामेडिकल कर्मियों का दर्द :

गायनिक वार्ड, मेडिसीन वार्ड, इमरजेंसी वार्ड में तैनात नर्स व पारामेडिकल कर्मियों ने बताया कि एक तो उनलोगों के क्वार्टर में पानी घुस गया है. दूसरा ड्यटी पर आने में घुटने भर से अधिक पानी के साथ वार्ड में भी पानी घुस जाने के कारण उनलोगों की परेशानी चरम पर है. ऐसी स्थिति में वे लोग ड्यूटी नहीं कर पा रहे हैं.

 

चतुर्थवर्गीय कर्मी व नर्स क्वार्टर में भी घुसा पानी:

डीएमसीएच के नर्स व चतुर्थवर्गीय कर्मियों के क्वार्टर में पानी घुस गया है. कर्मियों ने बताया कि 2004 की बाढ़ से भी ज्यादा खराब स्थिति से गुजरना पड़ रहा है.  बताया कि वे लोग न क्वार्टर में सुरक्षित रह गये हैं और न ही ड्यूटी के दौरान कोई सुविधा ही है.

 

मरीजों का दर्द उनकी जुबानी:

डीएमसीएच के गायनिक वार्ड में भर्ती मरीज शोभा देवी, रंभा कुमारी, सोना देवी, जगदंबा देवी आदि ने बताया कि वार्ड में पानी घुस जाने के कारण वहां रहना दूभर हो गया. पानी के साथ बाहर की गंदगी भी वार्ड में आ गया है. इससे पूरा वातावरण दुर्गंधमय हो गया है. इस बिकराल स्थिति के कारण अधिकांश नर्स व डाक्टर ड्यूटी पर नहीं आये.

नर्स व डाक्टरों के ड्यूटी पर नहीं आने के कारण वे लोग भगवान भरोसे रह गये हैं. मजबूरी में उन्हें निजी नर्सिंग होम पलायन करना पड़ रहा है. मरीजों ने डीएमसीएच की दुर्दशा पर काफी नाराजगी जतायी. कहा कि ऐसा अस्पताल शायद विश्व में नहीं होगा. जहां सुविधा तो नहीं ही है. असुविधा की लंबी फेहरिस्त है.

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