
निगम की सत्ता जाते ही नगर भाजपा ने जलजमाव के विरोध में निगम प्रशासन एवं मंत्री का पुतला फूंका। Voice of Darbhanga

दरभंगा : शहर में व्याप्त जल-जमाव को लेकर भाजपा की दरभंगा नगर इकाई की ओर से आज शाम दरभंगा टावर पर नगर विकास मंत्री और दरभंगा नगर निगम प्रशासन का पुतला फूँका गया. नगर अध्यक्ष प्रमोद शरण साहु के हस्ताक्षर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूर्व में भी शहर में जल-जमाव होता था, लेकिन छ: घंटे में जल निकासी हो जाती थी और इस बार जो जल-जमाव इतने अरसे तक बना हुआ है वह निगम प्रशासन की शिथिलता को दर्शाता है. उन्होंने दुख: व्यक्त करते हुए विज्ञप्ति में लिखा है कि जबसे नयी बोर्ड का गठन हुआ है उसके बाद से एक बार भी नगर विकास विभाग की ओर से समीक्षा नहीं की गयी है. नव-निर्वाचित पार्षद बैठक के लिए अधियाचना कर रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन की नींद है कि खुलती ही नहीं. भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर अब भी नगर विकास विभाग और निगम प्रशासन का नींद नहीं खुला तो आंदोलन तेज होगा. टावर पर नुक्कड़ सभा को पूर्व महापौर गौड़ी पासवान, आदित्य नारायण मन्ना, दिलीप पासवान, लक्ष्मण झुनझुनवाला, रमेश झा, संगीत गुप्ता, रंजीत चौधरी, मीणा गुप्ता, विनोद कुमार झा, विशाल कुमार, भरती सहनी, राजकुमार सहनी, सुनील राय, सुरेश शर्मा, दुर्गेश, आकाश, शिवजी राय, सुजित मल्लिक, विश्वपति मिश्र, वैदव्यास, मुन्ना ठाकुर, विजय साह, मनीष खंडेलवाल, रौशन गुप्ता, प्रयाग राज आदि मौजूद थे.
हलाँकि उपस्थित कुछ स्थानीय लोग चर्चा के दौरान कहते नजर आये कि लगातार चौथी बार 16 साल से वर्तमान में भी इन्ही के विधायक हैं और एक महीने पहले तक निगम में भी दस साल तक इन्ही के मेयर थे। इस कारण वर्तमान व्यवस्था के जिम्मेवार निश्चित रूप भाजपा के नगर विधायक एवं पूर्व मेयर हैं। नालों पर बने अवैध अतिक्रमण का मामला हो या जल संचय की क्षमता करने वाले तालाबो को भर दिया जाने का मामला हो, यह कोई एक महीना में नही हुआ है।
जिला भाजपा के सूत्रों ने भी पार्टी द्वारा वर्तमान में निगम प्रशासन पर ऊँगली उठानी की सहमति नही उठाने की जानकारी दी है। परंतु यह कार्यक्रम नगर विधायक के सबसे कारीबी दयापात्र नगर अध्यक्ष एवं कुछ ख़ास नगर विधायक खेमे के कार्यकर्ताओं ने बिना सहमति के यह कार्यक्रम क़िया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी में दो दिन पूर्व भी नगर विधायक के बयान पर आपत्ति थी क्योंकि पार्टी का मानना है कि वर्तमान समय में नगर निगम की व्यवस्था को ध्वस्त कहना खुद अपनी पार्टी की स्थिति को ही हास्यास्पद बनाना है।

