
सामाजिक कुरीतियों एवं असमानता दूर करने में पुस्तको की भूमिका अहम : कुलपति। Voice of Darbhanga

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं असमानता को दूर करने में पुस्तकों की भूमिका महत्वपूर्ण है. उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि अधिक से अधिक पुस्तकों का लेखन करें. कुलपति आज डॉ. गोपी रमण सिंह द्वारा लिखित ह्यलिंग और समाज नामक पुस्तक का विमोचन करते हुए उक्त बातें कहीं. उन्होंने कहा कि समाज मे व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है. यह जागरूकता पुस्तकों के माध्यम से अधिक आसानी से किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान मे समाज में जाति, लिंग तथा आर्थिक आधार पर भिन्नता है. इसके अतिरिक्त, समाज में महिला के प्रति हिंसा, भू्रण हत्या, दहेज प्रथा, वाल विवाह आदि कुरीतियां समाज के लिए कोढ़ है जिस दूर करने की जरूरत है. यह शिक्षित कर ही संभव है. उन्होंने कहा कि समाज में परिवारिक गठबंधन थोड़ा कमजोर होता जा रहा है. जिसमें भी मजबूती की भी आवश्यकता है. उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए आगे आवें. सृजनशील पुस्तक की रचना करें ताकि समाज को नई दिया मिल सके. उन्होंने कहा कि डॉ. गोपी रमण सिंह द्वारा लिखी गयी पुस्तक ह्यलिंग एवं समाज छात्रों के साथ-साथ समाज के लिए भी काफी उपयोगी साबित होगा. इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. गोपी रमण सिंह ने कहा कि आज मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि शालीनता के प्रतिमूर्ति, सकारात्मक सोच रखनेवाले प्रबंधन गुरू कुलपति प्रो. सिंह हमारी पुस्तक का विमाचन कर रहे है. उन्होंने कहा कि इस पुस्तक को लिखने का प्रेरणा श्रोत हमारे विभाग के छात्र रहें है. इसे लिखने में 15 माह लगे. इसे सरल शब्दों में लिखने का प्रयास किया गया है. वर्तमान में भी आम लोग यौन एवं लिंग में भेद नहीं समझते है. उनके लिए यह पुस्तक लाभप्रद होगा. स्रातकोत्तर अंगे्रजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अरूनिमा सिंह ने कहा कि आज की परिस्थिति में यह पुस्तक काफी लाभप्रद होगी, यह छात्रों की अपेक्षाओं पर खड़ा उतरेगा. धन्यवाद ज्ञापन सिंडीकेट सदस्य प्रो. विनोद कुमार चौधरी ने किया.

