
दरभंगा पुलिस ने किया अंतर्जिला वाहन लुटेरा गिरोह के पर्दाफाश का दावा। Voice of Darbhanga

दरभंगा पुलिस ने अंतर्जिला वाहन लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है. शनिवार को पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाते हुए एसएसपी दफ्तर में बुलाए गए प्रेस मीट के दौरान गिरोह के पांच सदस्यों को परेड कराया. मुख्यालय डीएसपी विजय कुमार झा ने मौके पर कहा कि मामले में और पूछ-ताछ की जा रही है. श्री झा ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गिरोह के अधिकांश सदस्य मधुबनी जिले के निवासी हैं लेकिन वे कई जिलों में लूट की वारदात को अंजाम दे चुके हैं. मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर जिलों की कई घटनाओं में इनके हाथ होने की तस्दीक हुई है. गिरफ्तार लोगों के पास से और उनकी निशानदेही पर बिना नंबर के दो बाइक, दो माबाइल फोन, नकद 42 हजार रूपये और दरभंगा के कंसी से लूटा गया पिकअप वैन बरामद करने में पुलिस को सफलता मिली है.
प्रप्त जानकारी के अनुसार दो दिन पहले यानि 13 जुलाई को इस गैंग के सदस्यों ने सीतामढ़ी (रून्नीसैदपुर थाना क्षेत्र) और मुजफ्फरपुर (गायघाट थाना क्षेत्र) जिलों से तीन बाइक और रूपये लूटने की घटना को अंजाम दिया. डीएसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों की संख्या करीब 15 है और ये अक्सर एनएच और एसएच पर आपरेट करते हैं. उन्होंने कहा कि पकड़े गए लोगों से पूछ-ताछ में मिली जानकारी का सत्यापन संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों से कराया गया है.
प्रेस मीट में कहा गया कि 13 जुलाई को ही रात साढ़े नौ बजे मब्बी एसएचओ को सूचना मिली कि सिमरी थाना क्षेत्र के कंसी के पास ईस्ट-वेस्ट कारिडोर पर करीब आधे दर्जन बाइक सवार अपराधी एक पिक-अप वैन को लूट कर मधुबनी की तरफ भाग रहे हैं. मब्बी एसएचओ गौतम कुमार ने उसी दिशा में गेंहुमी पुल के पास वाहनों की चेकिंग लगवा दी.
पुलिस चेकिंग देख लुटेरों ने भागने की कोशिश लेकिन मब्बी पुलिस के जवानों ने खदेड़ कर दो व्यक्ति को पकड़ लिया. अंधेरे का फायदा उठाकर बाकि लोग भागने में सफल रहे. दरभंगा पुलिस के अनुसार पकड़े गए दो व्यक्तियों की निशानदेही पर मधुबनी पुलिस के सहयोग से उस जिले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तार लोगों में निकेश कुमार झा (बेनीपट्टी के बलियाडीह निवासी), अमित कुमार राउत (राजनगर के भटसिमर निवासी), सुमन कुमार (मधुबनी के लहेरियागंज), अजय कुमार (मधुबनी के लहेरियागंज) और रोहित कुमार (मधुबनी के बलिया निवासी) शामिल हैं.
गिरफ्तारी में सिमरी एसएचओ राजन कुमार, भालपट्टी एसएचओ के सी भारती और सदर इंस्पेक्टर रविशंकर प्रसाद के साथ संबंधित थानों की पुलिस के जवानों ने अहम भूमिका निभाई. कहा गया कि जांच तेज की जा रही जिससे और खुलासे हो सकते हैं.

