
मिथिला के विकास के लिए दृष्टि विकसित करने की आवश्यकता : डॉ. देवनारायण। Voice of Darbhanga

दरभंगा : मिथिला विकास संघ के तत्वावधान में एक दिवसीय मिथिला विकास सम्मेलन का आयोजन स्थानीय एमआरएम कॉलेज में किया गया. मौके पर सम्मेलन के प्रथम सत्र का उद्घाटन करने के पश्चात कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. देवनारायण झा ने कहा कि इस तथ्य पर विचार करना होगा कि मिथिला की अपनी भाषा, संस्कृति और लिपि है, फिर भी यह क्षेत्र पिछड़ा क्यों है? उन्होंने कहा कि मिथिला वासियो को समग्र विकास हेतु अपनी दृष्टि को विकसित करना होगा. पूर्व कुलपति ने कहा कि मिथिला में एम्स और हाईकोर्ट की स्थापना अब तक नहीं होना विचारणीय विषय है. मुख्य अतिथि उदयशंकर मिश्र ने कहा कि मिथिला के विकास के नाम पर एक होना होगा. वहीं अखिल भारतीय मिथिला पार्टी के अध्यक्ष रत्नेश्वर झा ने कहा कि जो मिथिला के विकास की बात करेंगे वहीं मिथिला पर राज करेंगे. पत्रकार विनोद कुमार ने मिथिलाक्षर और मैथिली भाषा को समृद्ध बनाने की अपील की. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. विद्यानाथ झा ने अपने संबोधन में कहा कि मिथिला और इसकी संपदाओं को विकसित करना होगा. इस मौके पर चंद्रशेखर झा बूढाभाई, चौधरी हेमचंद्र राय, सुरेन्द्र मिश्र, शैलेन्द्र कश्यप, सफी अहमद, दिनेश सिंधी, सुशील कुमार झा, हरिश्चंद्र झा हरित, अजयकांत झा, कामोद चौधरी, कमलेश उपाध्याय, दीपक सिंह, विभूति, ज्ञानेश्वर राय, राजीव कुमार झा, रामबाबू चौधरी, विप्लव कुमार चौधरी, मोनू कुमार, विकास कुमार झा आदि ने विचार व्यक्त किए. मंच संचालन वरूण कुमार झा और धन्यवाद ज्ञापन सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष मृत्युंजय मृणाल ने किया.

