
विवाहिता की जलाकर निर्मम हत्या के चार आरोपियों को आजीवन कारावास। Voice of Darbhanga

दरभंगा: विवाहिता की जलाकर निर्मम हत्या के मामले में सोमवार को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने बहादुरपुर थाना क्षेत्र के फेकला ओपी अंतर्गत योगियारा निवासी श्याम नंदन सिंह और उसकी पत्नी रानी देवी तथा सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के पिपरा निवासी रंजीत ठाकुर और मुकुंद ठाकुर को पिपरा निवासी अमरेंद्र ठाकुर की पत्नी रूपा देवी की हत्या के मामले में भादवि की धारा 302 में चारों अभियुक्तों को आजी्वन कारावास और बीस-बीस हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है । वहीं अदालत ने चारों को भादवि की धारा 342/149 में एक-एक वर्ष का कारावास और एक-एक हजार अर्थदण्ड की सजा निर्धारित की है। अर्थदण्ड नहीं चुकाने पर चारों को क्रमश: छह माह और एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी । अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक कृष्ण कुमार मिश्र ने बताया कि 12 जून 2013 की सुबह में अमरेंद्र ठाकुर की पत्नी रूपा देवी आंगन में झाड़ू लगा रही थी । इसी बीच उसके नंदोशी श्याम नंदन सिंह और उसकी ननद रानी देवी आ गयी और श्याम नंदन सिंह ने कहा कि यही रुपा देवी जमीन रजिस्ट्री बिवाद में झगड़े की जड़ है। इसकी आग लगा कर हत्या कर दो। इस पर सबों ने उसे पकड़ लिया तथा ननद रानी देवी ने मिट्टी तेल छिड़क कर आग लगा दी। घटना की सूचना पर मृतिका के पति आये और जले हुए अवस्था में उसे इलाज के लिए ¨सहवाड़ा पीएचसी में भर्ती कराया । जहां से उसे डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। गंभीर हालत में उसने पुलिस के समक्ष अपना फर्द बयान दिया। जिसके आधार पर सिंहवाड़ा थाना में कांड संख्या – 145/2013 दर्ज किया गया। अदालत में सभी अभियुक्तों के विरुद्ध भादवि की धारा 342, 326, 302/149 के तहत आरोप गठन किया गया। जिसका अदालत में सत्र वाद संख्या – 492/13 के तहत जारी था। कोर्ट में अभियोजन पक्ष से कुल सात गवाहों की गवाही कराई गई। अन्तत: अभियोजन पक्ष अभियुक्तों को सजा दिलाने में कामयाब रहा। इसी मामले के एक अन्य महिला आरोपी की ट्रायल अलग न्यायालय में चल रही है। जिसमें निर्णय आना शेष है।

