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मुख्य - July 18, 2017

शिक्षा देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है: कुलपति। Voice of Darbhanga

 

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.के. सिंह ने कहा कि वर्तमान में जी0एस0टी0 के लागू होने से जी0डी0पी0 में घटोतरी होगी. लेकिन आगे जाकर यह कारगर होगा. शिक्षा देश का महत्वपूर्ण सेक्टर है. देश की आर्थिक व्यवस्था कृषि तथा शिक्षा निर्धरित करती है. उन्होंने कहा कि शिक्षा देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है. आम लोगों में भ्रांतियॉं है कि जी0ए0टी0 से शिक्षा महंगी होगी. कुलपति आज वाणिज्य विभाग में फ्विग्निंग आॅफ न्यू टेक्सेशन एराय विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इस सेमिनार में दो-दो पूर्व कुलपति का शामिल होना इस सेमिनार की उपयोगिता को साबित करता है. लोगों में भ्रांतियां है कि जी0एस0टी0 से शिक्षा महंगी होगी. कुलपति ने कहा कि इस भ्रांति को अर्थशास्त्रियों को दूर करना होगा. उच्च शिक्षा की क्या स्थिति होगी इसकी भी जानकारी देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जी0एस0टी0 का प्रभाव व्यवसाय पर पड़ेगा. विशेष कर अव्यवस्थित व्यवसाय पर. अव्यवस्थित व्यवसायियों को अपने व्यवसाय को व्यवस्थित करना होगा. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. जयगोपाल ने कहा कि अभी तक जो कर व्यवस्था चल रही है, उसमें क्या गड़बड़ी थी. इसकी जानकारी भी लोगों को दी जानी चाहिए. उसी तरह आखिर क्या आवश्यकता हो गयी जी0एस0टी0 को लाने की, इसकी भी जानकारी आम लोगों को दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा भी प्रत्येक नागरिक को ईमानदारी से कर देना चाहिए. जितनी आमदानी होनी चाहिए उस अनुपात में कर देना नागरिक का कर्तव्य होता है, लेकिन देखा जाता है कि ऐसा होता नहीं है. लोग अधिक से अधिक कर का बचत करने में लगे रहते हैं. उन्होंने कहा कि जी0एस0टी0 को लेकर भ्रांतियां है उसे दूर करने के लिए इस तरह के सेमिनार का आयोजन जगह-जगह होना चाहिए. विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो0 सुरेन्द्र मोहन झा ने कहा कि इस नयी कर व्यवस्था का प्रभाव एक से दो वर्ष के बाद दिखलाई देगा. आम लोग व्यवसायी को हर वस्तु का उचित मूल्य दे देते है, लेकिन व्यवसायी सरकार को उसका कर नहीं देते. इसके लागू होने से कर व्यवस्था में न्याय होगा. हर नागरिक को ईमानदारी से कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे समाज की विशिष्टता है कि नयी बातों को लागू करने में काफी विरोध होता है, जब देश में कम्प्यूटर को उपयोग में लाया गया तो काफी विरोध हुआ था. आज भी वही परिस्थिति दिखलायी दे रही है. राजस्व बढ़ेगा तो विकास होगा. उन्होंने कहा कि वेतनधारी वर्ग के पास कोई विकल्प नहीं है. इस वजह से वे कर दे देते हैं, लेकिन अन्य वर्ग के पास काफी विकल्प हैं. इस वजह  वे उचित कर नहीं देते हैं. व्यवसायी वर्ग देश की आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित करता है. वे न्याय के साथ कर का भुगतान नहीं करते हैं जिस वजह से राज्य की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित होती है. जी0एस0टी0 के लागू होने से देश एवं राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राज किशोर झा ने कहा कि जी0एस0टी0 के लागू होने से कालाधन पर लगाम लगेगा. वर्तमान में जी0डी0पी0 पर इसका प्रभाव पड़ेगा. उसमें कमी आएगी, लेकिन बाद में सुुधार होगा. वाणिज्य संकायाध्यक्ष डा. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि यह आने वाले दिनों में काफी लाभप्रद होगा. दरभंगा डिविजनल चैम्बर आॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष पवन सुरेका ने कहा कि व्यवसायी को लगता है कि जी0एस0टी0 थोपा जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों पर व्यवसायी के लिए यह काफी लाभप्रद होगा. थोड़ा विरोध स्वभाविक है. इसके लागू होने से किसी भी वस्तु के मूल्य में तीन से पांच फीसदी तक की वृद्धि या कमी होगी. उन्होंने कहा कि मूल रूप से जी0एस0टी0 का विरोध नहीं किया जा रहा है. बल्कि उसके प्रावधानों का विरोध किया जा रहा है. व्यवसायी को भरोसा दिलाना होगा. मंच संचालन डॉ. दिवाकर झा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशीष कुमार ने किया.

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