
महागठबंधन सरकार के खिलाफ नौ अगस्त को “जाप” का पटना में होगा आन्दोलन। Voice of Darbhanga

दरभंगा: जन अधिकार छात्र परिषद् की ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की ओर से वि०वि० परिसर स्थित जुबली हॉल में विश्वविद्यालय सम्मलेन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता वि०वि० अध्यक्ष दीपक झा ने की. कार्यक्रम का उदघाटन “जाप” के जिलाध्यक्ष डॉ. अब्दुस्लाम उर्फ़ मुन्ना खान ने दीप प्रज्वालित कर किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जन अधिकार छात्र परिषद् के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. राघवेन्द्र कुशवाहा ने बिहार के शैक्षिणिक अराजकता और राज्य सरकार के गैर जिम्मेदारी की कठोर आलोचना करते हुए कहा की माध्यमिक परीक्षा, एस.एस.सी. परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, विश्वविद्यालाओं का सत्र अनियमित होना तथा बेरोजगारी की विकराल समस्या के विरुद्ध सम्पूर्ण प्रदेश के छात्रों नौजवानों को अपनी आवाज बुलंद करनी होगी. उन्होंने बताया कि अगर प्रदेश की सरकार होश में नहीं आती है तो “जाप” के संरक्षक सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव जी ने नेतृत्व में बिहार के युवा व्यापक आन्दोलन करेंगे और सड़क से सदन तक अपनी आवाज बुलंद करेंगे. मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष गौतम आनद ने बताया बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का घोर अभाव है. यहाँ के छात्र-युवा रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर हो रहें है. उन्होंने “आओ छात्रों-बिहार बदलों हुंकार भरो.” सरकार बदलों-बिहार बदलेगा” के नारा के साथ आगामी नौ अगस्त को पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हौल में पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक के नेतृत्व में एक साथ आन्दोलन के आगाज में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराने का आवाहन किया. प्रदेश सचिव प्रो. गंगा प्रसाद ने वि०वि० के महाविद्यालयों में नियमित वर्ग संचालन, प्रयोगशाला तथा पुस्तालाकयों की जर्जर स्थिति तथा अनियमित सत्र पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा की बुनियादी सुविधा तथा शिक्षकों ककी कमी से छात्रों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है. जनाधिकार छात्र परिषद् छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए अनवरत अपना संघर्ष जारी रखने हेतु कटीवध है. “जाप” के प्रदेश प्रवक्ता सोनू तिवारी ने कहा की ज्ञान विज्ञान की धरती बिहार को शैक्षिण अन्धकार और प्रशासनिक अराजकता में धकेलने का काम महागठबंधन सरकार की निति बन चुकी है. प्रदेश की सरकार को गबन-घोटालों से फुर्सत ही नहीं है और ना ही मंत्रियों के पास छात्रों और नौजवानों के सुनहरे भविष्य की किसी प्रकार की कोई चिंता है.

