Home मुख्य लालू यादव की चिरपरिचित हठधर्मिता के कारण टूटा गठबंधन: इकबाल अंसारी। Voice of Darbhanga
मुख्य - July 27, 2017

लालू यादव की चिरपरिचित हठधर्मिता के कारण टूटा गठबंधन: इकबाल अंसारी। Voice of Darbhanga

 

दरभंगा: जदयू तकनीकी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष इक़बाल अंसारी में प्रेस-विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने महागठबंधन धर्म का आखरी समय तक पालन किया लेकिन लालू यादव के चिरपरिचित हठधर्मिता की वजह से महागठबन्ध को टूट का सामना करना पड़ा। लालू यादव को समझना चाहिए था कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस रखते है एवं इससे किसी तरह की समझौता नही कर सकते। 

कभी भ्र्ष्टाचार के आरोप लगने पर जीतन राम मांझी का इस्तीफा महज चार घण्टे में लेने वाले नीतीश कुमार ने 20 दिन से भी अधिक समय लालू और उनके भृष्टाचारी परिवार को जनता के बीच अपनी बेगुनाही साबित करने को दिया जिसको लालू एन्ड कम्पनी ने नज़र अंदाज़ किया, बाप तो डूबे ही साथ ही अपने पुत्र की राजनीतिक जीवन को भी बर्बाद कर के रख दिया।

शुरू से ही लालू यादव एन्ड कम्पनी ने सरकार के कामो में हस्तक्षेप करते रहे है जिसे नीतीश कुमार ने एक सीमा तक बर्दास्त की है। अपने भृष्टाचारी परिवार को बचाने के लिए लालू ने महागठबंधन को मिले मत का अनादर किया।

पटना में बैठे बेहद ही विश्वश्त सूत्रों से कुछ दिन पहले ही  पता चला था की लालू यादव ने इस प्रकार से अपना गोटी सेट कर रखा था कि सरकार के कामो एवं अपने आरजेडी के कोटे के मंत्रियों के माध्यम से सप्ताह में 50 लाख से अधिक रुपये की काली कमाई करते थे और ये सारा खेल अपने आवास पर बैठ कर के ही लालू यादव करते थे। लालू और उसके परिवार के लिये पैसा और प्रोपर्टी से अधिक कुछ भी महत्व नही रखता।

लालू परिवार में एक और सबसे बड़ी कमी है वह है शिक्षा की। अगर इस मूर्ख परिवार के पास शिक्षा होती तो निश्चितरूप से तेजश्वी का इस्तीफा करवा कर गठबन्धन को बचाया जा सकता था लेकिन भैंस के आगे बीन बजाने से भैंस कभी नाचता नही बल्कि बीन बजाने वाले को मूर्ख समझ कर उनकी ओर देखता है।

आज भारत ही नही बल्कि सम्पूर्ण विश्व मे लालू और उनके भृष्टाचारी परिवार की वजह से बिहार बदनाम है। हमे खुशी है कि वक़्त रहते हुए नीतीश कुमार ने उचित और बिहार के विकास के हित मे फैसला लिया है।

जो लोग बिहार में अल्पसंख्यंको और दलितों को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए डराने का प्रयास कर रहे है उन्हें मालूम होना चाहिए कि नीतीश कुमार ने कभी भी सत्ता की खातिर जाती की राजनीति नही की अगर ऐसा कुछ भी सहयोगी दल के द्वारा करने का प्रयास भी हुआ तो निश्चितरूप से नीतीश कुमार को कड़ा फैसला लेने में समय नही लगता ऐसा मेरा अनुभव और विश्वास है।

श्री अंसारी ने कहा कि वे उन सभी अल्पसंख्यंको दलितों और सभी बिहार वासियो को इस बात से आश्वश्त करता हूँ कि जैसा विकास और शांति का माहौल था वैसा ही रहेगा बल्कि इससे भी अधिक तेज़ गति से विकास होगा और लोगो मे आपसी भाईचारा और प्रदेश में सुख और शांति रहेगा। ऐसे लोगो को समाज बहिष्कार करे जो लोग अपने स्वजाति के लोगो को राजनीति स्वार्थ के लिए एक दूसरे के मन मे जहर घोलने का काम करता है।

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