
कैदियों की समस्या सुनने केलिए जेल में आयोजित हुआ बंदी दरबार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: दरभंगा मंडल कारा में पहली बार शनिवार को आयोजित बंदी दरबार में डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह व एसएसपी सत्यवीर सिंह ने कैदियों की समस्याओं से रू-ब-रू हुए। इस दौरान उन्होंने कारा अधीक्षक को सप्ताह में एक बार बंदियों को मुलाकाती से मिलाने का आदेश दिया। कहा कि यह कार्य कारा अधिनियम के तहत होना है। इसे जल्द क्रियान्वयन करने आदेश दिया। डीएम श्री सिंह ने बंदियों से अपनी समस्याएं रखने व सुधार के दिशा में मौखिक एवं लिखित जानकारी देने को कहा। इस दौरान लगभग दो सौ कैदियों ने मंडल कारा की समस्याओं पर प्रकाश डाला। कहा कि यहां पेयजल के लिए कई चापाकल है। लेकिन, अधिकांश खराब पड़े हैं। ¨सटैक्स तो है पर उसमें पानी नहीं टिकता है। वहीं अधिकांश शौचलय जर्जर व बिना काम के हैं। बंदियों ने डीएम के समक्ष अपनी समस्याओं को खुलकर रखने का काम किया। कैदियों ने बताया कि परिसर में हमेशा जलजमाव लगा रहता है। अगर इस परिसर में मिट्टी की भराई करा दी जाए तो जलजमाव की समस्या से निदान मिल जाएगी। जेल को स्वच्छ बनाने के लिए बंदियों ने रोजाना साफ-सफाई कराने की मांग की। वहीं एक बंदी ने स्वयं को बीमार होने की बात कह बेहतर इलाज कराने की मांग की। कहा कि ब्रेन ट्यूमर होने के कारण हमेशा बीमार रहता हूं। उनकी समस्या पर डीएम श्री सिंह ने अधीक्षक ललन कुमार सिन्हा को वरीय चिकित्सक से जांच कराकर इलाज कराने का निर्देश दिया। कुछ बंदियों ने बताया कि जेल का हर भवन पुराना होने के कारण काफी जर्जर है। इसकी मरम्मत कराने की आवश्कता बताई। बिजली के तार नंगा रहने के कारण हमेशा करंट लगने का डर लगा रहता है। किचन शेड नहीं होने के कारण खुली जगह में खाना बनाया जाता है। डीएम श्री ¨सह ने सारी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कार्यपालक अभियंता भवन, पीएचईडी कार्यपालक अभियंता को तत्काल मरम्मति करने का आदेश दिया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता भवन को जल्द एक हजार बंदियों के क्षमता वाली किचन रूम बनाने का आदेश दिया। दरबार के दौरान 58 बंदियों ने आधार कार्ड बनाने की फरियाद की। यह समस्या सुनते ही डीएम ने डीडीसी को कैंप लगाकर आधार बनाने का आदेश दिया। दरबार के दौरान कई बंदियों ने एसएसपी सत्यवीर सिंह से गलत मुकदमा में फंसा देने की बात कही। इस पर उन्होंने संबंधित बंदियों को अपना पक्ष न्यायालय में रखने की बात कही। मालूम हो कि 2012 कारा अधिनियम के तहत बंदी दरबार आयोजित की गई थी।

