Home मुख्य डिजिटल युक्त ज्ञान होना अब बन गयी है साक्षर होने की परिभाषा : कुलपति। Voice of Darbhanga
मुख्य - August 1, 2017

डिजिटल युक्त ज्ञान होना अब बन गयी है साक्षर होने की परिभाषा : कुलपति। Voice of Darbhanga

 

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने यहां कहा कि साक्षर होने की परिभाषा बदल गई है. अब डिजिटल युक्त ज्ञान वाले ही साक्षर कहलाएंगे. स्थानीय वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग में स्पॉकेन ट्युटोरियल के युनिट कोडिनेटर की बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रफी आॅनलाइन पाठ्यक्रम छात्रों के लिए काफी लाभदायक है. यह आईआईटी, मुम्बई और भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रम है. उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम कॉलेज के परिपेक्ष में उपयोगी होगा. समन्यकों से अपील करते हुए कुलपति ने कहा कि छात्रों की आवश्यकता अनुसार पाठ्क्रम का चयन करें. यह योजना छात्रों के भविष्य निर्माण में काफी उपयोगी होगी. कुलपति ने कहा कि किसी भी पाठ्यक्रम के लिए 20 छात्रों का पंजीकरण करना आवश्यक है. कुलपति ने बताया कि पाठ्य वस्तु ईमेल पर ही छात्रों को प्राप्त हो जाएगी और परीक्षा आॅन लाइन देना होगा. कुलपति ने कहा कि पहला प्रयास गंभीरता से करना चाहिए. क्योंकि गंभीरता से किया गया प्रयास सार्थक होता है. इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. जयगोपाल ने कहा कि छात्र स्वंय पोटल का उपयोग कर अपेन ज्ञान को बढ़ा सकते हैं. उन्होंने कहा कि छात्र ई-ट्युटोरियल के माध्यम से अध्ययन कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि इसमे पंजीकरण कराने वाले छात्र आॅन परीक्षा देकर प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं. यह प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्गत होगा. विकास पदाधिकारी डॉ. के.के साहु ने कहा कि यह समानांतर शिक्षा व्यवस्था है. आगत अतिथियों का स्वागत कुल सचिव डॉ. मुस्तफा कमाल अंसारी, मंच संचालन डॉ. मुनेश्वर यादव और धन्यवाद ज्ञापन, प्रो. बी.बी.एल दास ने किया. वहीं दूसरे तकनिकी सत्र में विदेश भाषा संस्थान के निदेशक प्रो. प्रेममोहन मिश्रा ने इस पाठ्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला. साथ ही महिला प्रोद्यौगिकी संस्थान के प्राध्यापक ई0 संतोष कुमार ने पंजीकरण सहित अन्य जानकारियां दी. द्वितीय सत्र में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. धू्रव कुमार ने किया.

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