Home मुख्य देश के हर नागरिक को निशुल्क मिले हर स्तर की शिक्षा और स्वास्थ सेवाएं: गामी। Voice of Darbhanga
मुख्य - August 4, 2017

देश के हर नागरिक को निशुल्क मिले हर स्तर की शिक्षा और स्वास्थ सेवाएं: गामी। Voice of Darbhanga

 

दरभंगा: बिहार विधानसभा प्रश्न एवं ध्यानकर्षण समिति के सभापति सह हायाघाट के जदयू विधायक अनारनाथ गामी ने भारत के प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश के सभी नागरिकों केलिए सभी प्रकार शिक्षा एवं स्वास्थ सेवाओं को फ्री करने की माँग की है। शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को इस बाबत जानकारी देते हुए श्री गामी ने बताया कि यदि हर नागरिक अपने बच्चों के शिक्षा एवं परिवार के स्वास्थ पर होने वाले खर्चे से निश्चिंत हो जाए तो गरीबों को किसी गरीब हितैषी योजनाओं की जरूरत भी नही पड़ेगी। अगर कोई अपने बच्चों को डॉक्टरी या इंजियरिंग आदि की पढ़ाई भी कराना चाहे और वह निशुल्क मिले तो निश्चित रूप गरीब का बच्चा भी गरीब नही रहेगा। इसी प्रकार यदि छोटे मोटे बिमारी से लेकर असाध्य रोगों तक के इलाज़ की व्यवस्था निशुल्क मिल जाए तो व्यक्ति एक बड़े खर्चे से बच सकता है। परंतु इसको लेकर कुछ लोग गरीब-गरीब की रट लगाकर गरीब का नेता के रूप में खुद को पेटेंडेड मानते हैं तो उन्हें इसबात की चिंता जरूर रहेगी कि यदि गरीब को कोई जरूरत नही बची और वे स्वाबलम्बी हो गए तो फिर उनकी गरीब के नाम की राजनीति की दूकान कहीं बन्द न हो जाय। अतः ऐसे लोग इस निर्णय का विरोध करेंगे ही। परंतु प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वोट बैंक की चिंता किये बगैर जो देशहित में लगातार निर्णय लिए हैं जैसे कि नोटबन्दी, जीएसटी, सर्जिकल स्ट्राइक, गैस एवं पेट्रोलियम की सब्सिडी समाप्त, रेल किराया में वृद्धि आदि, वह उन्हें एक मजबूत प्रधानमंत्री की छवि प्रदान करता है। अतः उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस तरह के कड़े निर्णय लेने का सामर्थ्य वर्तमान प्रधानमंत्री में है, और इसलिए उन्होंने आग्रह भी किया है।

श्री गामी ने आगे कहा कि आजादी के बाद से पिछले सत्तर सालों में बहुत सी गरीब हितैषी योजनाएं विभिन्न्न सरकारों द्वारा लायी गयी पर आजतक गरीबी खत्म नही हुई। पर शिक्षा एवं स्वास्थ सेवाओं को प्रत्येक नागरिक केलिए मुफ्त कर देने के बाद किसी गरीब हितैषी योजनाओं की जरूरत नही पड़ेगी और तब सरकार इसे बन्द भी कर दे तो कोई ख़ास फर्क नही पड़ेगा।

पत्रकारों द्वारा पार्टी लाइन पर या हटकर इस मुद्दे को उठाने के विषय में सवाल पूछने पर श्री गामी ने कहा कि वे प्रतिनिधि होने के साथ साथ एक आम नागरिक भी हैं और इसलिए आम नागरिक का दर्द समझते हैं। लोकतंत्र में कोई भी अपनी बात रख सकता है। श्री मोदी देश के एक मजबूत प्रधानमंत्री हैं और इसलिए उन्होंने भी पूरी आशा के साथ उनके समक्ष अपनी भावना को रखा है।

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