
भारी रिसाव से करेह तटबंध पर बढ़ा खतरा। Voice of Darbhanga

दरभंगा: बागमती-करेह नदी ने विकराल रूप ले लिया है. स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. आज करेह नदी पर बना तटबंध कोठरा के निकट 15वें व 12वें किलोमीटर के बीच टूटते-टूटते बचा. सैकड़ों की संख्या में अगल-बगल के लोगों ने बारिश में भींगकर इस तटबंध को बचाया. बाद में बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंता भी वहां पहुंच कर बचाव कार्य में लग गये. सनद रहे कि जिस जगह आज टूट हुई थी. वह पहले से ही संवेदनशील है. विभाग ने भी माना है कि पांच जगहों पर तटबंध पर अत्यधिक दबाव है. ऊपर से आज दिन भर बारिश हो रही है. जिसके कारण बचाव कार्य में परेशानी हो रही है. तटबंध में रिसाव की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति देखी गई. सनद रहे कि इस बार बाढ़ आने से पहले तटबंध की मरम्मती का कार्य विभाग द्वारा नहीं कराया गया. सूत्रों पर भरोसा करें तो तटबंध मरम्मती के लिए डीपीआर तो बनाया गया था, लेकिन यह प्रस्ताव मुख्यालय स्थित विभाग में भेजा ही नहीं गया, जिसके कारण मरम्मती नहीं हो सकी. स्थिति की गंभीरता को देख तीन दिन कवल ही विभाग के प्रधान सचिव ने भी इस तटबंध का निरीक्षण किया था. तटबंध बचाने के लिए दिशा निदेश जारी किया था. जहां तक तटबंध का सवाल है तो पांच जगहों पर तटबंध पर भारी दबाव है. अगर इसे बचाने में विभाग कोताही बरतता है तो निश्चित रूप से बड़ी बर्बादी हो सकती है. इससे इंकार नहीं किया जा सकता.

