
एमएसयू के साथ जिला भर के पत्रकारो के आक्रोश को देख पहली बार डॉक्टरों में कारवाई का डर! Voice of Darbhanga

दरभंगा: डीएमसीएच में बीते रविवार को नर्स की लापरवाही से एक बच्चे की हुई मौत के बाद मौत का कारण जानने पहुँचे मिथिला स्टूडेण्ट यूनियन के चार छात्रों की जूनियर डॉक्टरों द्वारा की गई पिटाई के मामले को लेकर दिनभर संबंधित परिसर का माहौल सोमवार को भी गर्म रहा। इसको लेकर एक तरफ जहाँ मिथिला स्टूडेंट यूनियन के सैकड़ों छात्रों द्वारा डीएमसीएच अधीक्षक के कार्यालय को घेर लिया गया, जहाँ से अपने-आपको बचते-बचाते किसी तरह अधीक्षक भाग कर मेडिसीन विभाग में छिपने को विवश हो गए। उनके डर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस फोर्स के तैनाती के बाद ही आंदोलनकारी से वार्ता करने हेतु अधीक्षक तैयार हुए। वार्ता में डीएमसीएच अधीक्षक ने आंदोलनकारीयों को अश्वासन दिया है कि अगले सात दिनों के अंदर एक तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम जांच रिपोर्ट देगी, जिसके बाद कारवाई किया जाएगा। वहीं मिथिला स्टूडेंट यनियन के कार्यकर्ताओं ने अधीक्षक से यह चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सात दिनों में कारवाई नहीं होती है तो यूनियन के कार्यकर्ता फिर से डीएमसीएच का घेराव करेंगे, छात्रों ने आंदोलन को स्थगित कर दिया है। वहीं दूसरी ओर जूनियर डाक्टर और मिथिला स्टूडेंट यूनियन के कार्यकर्ता के बीच गत रविवार को हो रहे मारपीट का कवरेज करने में लगए एक स्थानीय पत्रकार को भी इन डाक्टरों द्वारा कैमरा छीनकर मारा-पीटा गया था। जिसको लेकर आक्रोशित पत्रकारों ने आज डीएम कार्यालय से आक्रोशपूर्ण जूलूस निकाला।
डीएमसीएच दरभंगा के जूनियर डॉक्टरों द्वारा स्थानीय चैनल के एक पत्रकार के साथ किए गए दुर्व्यवहार को लेकर स्थानीय पत्रकारों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। इसी को लेकर लहेरियासराय में वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई जिसमें दर्जनों पत्रकारों ने सहभागिता दी। सभी पत्रकारों ने एक स्वर से डीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों के द्वारा किए गए मारपीट को लेकर कड़ी निंदा किया ।
ज्ञात हो कि डीएमसीएच के शिशु विभाग में एक बच्चे की मौत का समाचार कवरेज करने गये स्थानीय चैनल के पत्रकार को जूनियर चिकित्सक के द्वारा मारपीट कर कैमरा छीन कर बंधक बना लिया। जब कुछ मीडिया कर्मी पहुंचे तो उसे मुक्त कराया गया। इस विरोध में बेंता थाना में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया। पर 24 घण्टा बीत जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई जो पत्रकार में खेद प्रकट किया है। इसलिए पत्रकारगण के द्वारा आयुक्त ,आई जी ,डीआईजी, डीएम व एसपी को स्मार- पत्र दिया गया । बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर जूनियर डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलनात्मक कार्यक्रम किए जाएंगे। बैठक में लगभग चार दर्जन पत्रकार गण उपस्थित थे।
उधर सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार मिथिला स्टूडेंट यूनियन के साथ साथ जिला भर के पत्रकारो में भयंकर आक्रोश देख हमेशा यूनियन की धौंस पर सभी को डरा कर भय का माहौल बना कर रखने केलिए चर्चित डीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर पहली बार काफी डरे हुए हैं। इसी डर के कारण उनलोगों ने डीएम एवं एसएसपी से मिलने का समय चाहा। पर मिल रही जानकारी के अनुसार पदाधिकारियों द्वारा मिलने से इंकार कर दिया गया। जूनियर डॉक्टरों की मारपीट आदि करतूतों की कहानी अक्सर आती रहती है। पर कोई प्रशासनिक ठोस कारवाई नही हो पाता है। परंतु इस बार पत्रकार पर हाथ उठाने को लेकर मीडिया कर्मियों के आक्रोश और करवाई केलिए एकजुटता को देखकर प्रशासन द्वारा भी कारवाई का दवाब देख कर पहली बार जूनियर डॉक्टर्स के बीच अपने ऊपर कारवाई का डर देखा जा रहा है।

