
जूनियर डॉक्टरों द्वारा अस्पताल अधीक्षक की पिटाई के बाद प्रशासन आया हरकत में। Voice of Darbhanga

दरभंगा: पीजी डाक्टरों की उदंडता ने लगातार तीसरे दिन मर्यादा लांघी है. मंगलवार को उन्होंने अस्पताल अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र को ही पीट दिय. उनके कपड़े फाड़ डाले. मौजूद पुलिस मूक-दर्शक बनी रही.
जानकारी के मुताबिक इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के साथ बदसलूकी की शिकायत मिलने पर अधीक्षक वहां गए थे. समझाने-बुझाने पर पीजी डाक्टर उन्हीं पर टूट पड़े. अस्पताल अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि तत्काल डीएम से हस्तक्षेप की गुहार लगाई.
श्री मिश्र ने कहा कि पुलिस के रहते ये वाकया हुआ. घटना के बाद डीएम को सारी जानकारी दी. उनसे मदद की गुहार लगाई पर उन्होंने डीएमसीएच आने से इनकार कर दिया. कहां है सरकार?.. हमने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को लिखित रूप से सारी बातों से अवगत करा दिया है.
अस्पताल परिसर में दहशत का ये आलम है कि पत्रकार खासकर लेंसमेन (फोटोग्राफर) वहां जाने से कतराते रहे. एक-दो पत्रकारों को छोड़ अधिकतर ने वहां जाना मुनासिब नहीं समझा. जब यहां के हालात के संबंध प्रिंसिपल रविन्द्र कुमार सिन्हा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे दरभंगा से बाहर हैं. दो दिन बाद दरभंगा आएंगे। मीडिया के मित्रों और कालेज प्रशासन से जो खबर मिली है उससे क्षुब्ध हूं. पीजी डाक्टर जो कुछ वहां कर रहे वो सेवा भाव कतई नहीं बल्कि ये राक्षसी प्रवृति का नमूना है.
ज्ञात हो कि रविवार को इलाजरत एक बच्चे की मौत से उपजे विवाद के बाद परिजन, एमएसयु कार्यकर्ताओं और न्यूज कवर रहे पत्रकारों को पीजी डाक्टरों की भीड़ ने धून डाला. सोमवार को मरीजों को भगाने का सिलसिला शुरू हुआ. उस दिन मरीजों का दर्द जानने पत्रकार वहां नहीं जा सके. फोन और सूत्रों के आधार पर खबरें लिखी गई. मंगलवार को भी मरीजों को जबरदस्ती भगाने का सिलसिला शुरू हुआ. न्यूज कवर करने वहां गए कुछ पत्रकारों में से एक के साथ पीजी डाक्टरों ने अभद्रता की.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अधीक्षक की ओर से प्रधान सचिव को भेजे गए पत्र के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया. देर शाम डीएम और एसएसपी दल-बल के साथ डीएमसीएच पहुंचे और विभिन्न पक्षों की बात सुनी. समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी.

