Home मुख्य डीएमसीएच में सुरक्षा के नाम पर बड़ा घोटाला, डीएम ने दिए जांच के आदेश। Voice of Darbhanga
मुख्य - September 6, 2017

डीएमसीएच में सुरक्षा के नाम पर बड़ा घोटाला, डीएम ने दिए जांच के आदेश। Voice of Darbhanga

 

दरभंगा : दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिक्योरिटी के नाम पर करोड़ों का घोटाला सामने आया है.  साल 2008 में 110 सिक्योरिटी गार्ड की व्यवस्था डीएमसीएच में की गई थी, लेकिन पटना के जिस कंपनी को सिक्योरिटी गार्ड के लिए टेंडर दिया गया था वह मात्र 40 से 45 लोगों को रखकर सभी 110 सिक्योरिटी गार्ड के नाम पर पैसा उठा रहा था. इसका खुलासा आज जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह के द्वारा गठित टीम के जरिये की गई है. जिलाधिकारी ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि 6 सितंबर को अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर को संयुक्त रुप से डीएमसीएच की सुरक्षा हेतु रखे गए निजी सुरक्षा गार्डों के भौतिक सत्यापन हेतु डीएमसीएच भेजा गया. डीएमसीएच प्रशासन से निजी सुरक्षा गार्डों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया, इस पर उन्हें जो सूचना दी गई. उसमें सुरक्षा गार्डों की सही संख्या नहीं बताई गई, कभी 90 तो कभी 102 बताई गई. अंत में सिर्फ 45 निजी सुरक्षा गार्डों की सूची ही उपलब्ध कराई गई. जिनका भौतिक सत्यापन भी नहीं हो पाया.

इस मामले में वॉयस ऑफ़ दरभंगा को जानकारी देते हुए चर्चित आरटीआई सह मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेंद्र भगत ने बताया कि उन्हें कुछ गार्डों द्वारा सूचना मिली थी कि उनके सैलरी बसे तीन हज़ार प्रतिमाह कमीशन के रूप में अधीक्षक तथा सुपरवाइजर ले लेते हैं. इसके बाद उन्होंने आरटीआई से जानकारी ली एवं भौतिक सत्यापन भी किया। उन्होंने देखा कि सुरक्षा गार्ड के नाम पर फौज से रिटायर्ड कर आने वाले सुरक्षा गार्ड को 10 हजार 500 रूपया और सामान्य को 7200 रूपये देने का करार डीएमसीएच के साथ हुआ था। फिलहाल पटना की एलाइड फ्लॉक नाइट कम्पनी टेंडर लिए हुई है. 110 गार्डों की सैलरी जिसमे 46 एक्स सर्विस मैन तरह 64 सामान्य गार्डों की बहाली हुई थी। पर भौतिक सत्यापन में 37 गार्ड ही मिले थे. जबकि 2013 से सैलरी 110 गार्डों का निकासी किया जाता रहा है. इस प्रकार करोड़ो का फर्जीवाड़ा इस नाम पर किया जाता रहा है.

प्रथम दृष्टि में फर्जीवाड़े को देखते हुए जिला पदाधिकारी को अद्यतन स्थिति से अवगत कराया गया. इस पर जिलाधिकारी ने डीएमसीएच के  निजी सुरक्षा गार्डों के रख-रखाव एवं वास्तविक संख्या की जांच हेतु जांच टीम गठित कर दिया है जिसमें सदस्य के रूप में उपविकास आयुक्त, दरभंगा, सिविल सर्जन, दरभंगा एवं जिला लेखा पदाधिकारी दरभंगा को शामिल किया गया है. यह जांच टीम इस फर्जीवाड़े की जांच करेगी सुरक्षा गार्डों के नाम पर कितने लोगों के नाम से अब तक कितनी राशि उठाई गई है और कितना फर्जी निकासी की गई है. इसका पता चलने के बाद उन पर कड़ी कानूनी कारवाई की जाएगी. जिसमें डीएमसीएच के भी कई पदाधिकारी व कर्मचारियों का नाम भी सामने आ रहा है. जिलाधिकारी द्वारा जांच टीम बैठाए जाने के बाद डीएमसीएच में सुरक्षा गार्ड एजेंसी और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.

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