Home मुख्य ब्लड बैंक का खून नही, बल्कि डीएमसीएच का सिस्टम है संक्रमित: डायरेक्टर इन चीफ। Voice of Darbhanga
मुख्य - September 9, 2017

ब्लड बैंक का खून नही, बल्कि डीएमसीएच का सिस्टम है संक्रमित: डायरेक्टर इन चीफ। Voice of Darbhanga

दरभंगा : ब्लड चढ़ाने से छह मरीजों की मौत तथा आउटसोर्स पर सुरक्षा गार्ड रखे जाने में घोटाले के साथ-साथ चिकित्सा व्यवस्था की जांच करने पटना से स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर इन चीफ डॉ. आरडी रंजन के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम शनिवार को डीएमसीएच पहुंची. अस्पताल की व्यवस्था से रूबरू होने के बाद डॉ रंजन ने साफ शब्दों में कहा कि ब्लड बैंक का खून नही, बल्कि डीएमसीएच का पूरा सिस्टम ही संक्रमित हो गया है. पत्रकारों ने डायरेक्टर आफ चीफ को बताया कि कई विभागाध्यक्षों के अलावा अधिकांश वरीय चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं आते.

रोस्टर ड्यूटी का कहीं डिस्पले नहीं रहता है. अस्पताल जूनियर डॉक्टरों पर आश्रित हो चुका है. दवा रहने के बाद भी बाहर की दवा लिखी जाती है. मरीजों का समय से अल्ट्रासाउंड नहीं होता है. शिशु रोग व गायनिक का अल्ट्रासाउंड वर्षों से बंद है.

इस पर डॉ. रंजन ने वहां मौजूद प्राचार्य डॉ. आरके सिन्हा, अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार मिश्र व उपाधीक्षक डॉ. वालेश्वर सागर से पूछा तो सभी ने पत्रकारों द्वारा दी गयी जानकारी को सही बताया.

उधर ब्लड बैंक के खून की जाँच कर रहे टीम के अनुसार ब्लड बैंक के खून से मरीजो की मौत से इंकार किया गया है। यहां का तापमान एक दम सही काम कर रहा है। एक अतिरिक्त रेफ्रिजरेटर की उपलब्धता की आवश्यकता है।

इसके बाद डा0 रंजन ने पीजी डॉक्टरों के साथ बैठक करके उनकी भी जमकर क्लास लगायी। चेतावनी दी कि याद रखे आप छात्र हैं, डॉक्टर नही। यहां वे पढ़ाई करने केलिए हैं। किसी प्रकार की अमर्यादित कृत्य से उनकी छवि खराब हो रही है जो उनके भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा सकती है। पीजी डॉक्टरों को सुधरने की गम्भीर चेतावनी देते हुए डा0 रंजन ने कहा कि समस्याओं को बैठक कर आपस में निदान करें। इसकेलिए डीएमसीएच का कार्य और छवि प्रभावित न हो, इसका ध्यान रखें।

जांच टीम सभी बिंदुओं पर अपनी जांच की अंतिम रिपोर्ट 11 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी जिसके बाद इसपर कारवाई हो सकती है।

Share

Leave a Reply