
तेरह साल में शहर को नर्क बनाने वाले आज हो रहे कार्यों का ले रहे झूठा श्रेय: मेयर। Voice of Darbhanga

दरभंगा: शहर में कर्पूरी चौक से लेकर एकमी घाट तक बने भूगर्भीय नाले के जीर्णोद्गार की घोषणा करके एवं दोनार से छपरार घाट टीनही पुल आदि निर्माण का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे लोगो को बाज आने की नसीहत दी है। अपरोक्ष रूप से बिना सीधा नाम लिए हुए भाजपा के नगर विधायक के श्रेय लेने को मेयर ने झूठ का पुलिंदा बताया है। साथ ही साथ इस प्रस्ताव को पिछले तेरह साल से लटकाये रखने का जिम्मेवार भी उन्ही लोगों को ठहराया है।
मेयर बैजंती देवी खेड़िया ने आज एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि दरभंगा शहर को जल जमाव की समस्या से निजात दिलाना हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है । जिस दिन से हमलोगों ने नगर निगम मे सेवा शुरु की है शहर मे बारिश और बाढ़ के कारण उत्पन्न जलजमाव की समस्या से पूरी तत्परता से सामना किया है । नगर निगम मे उपलब्ध संसाधनो के बल पर हमने यथाशीघ्र शहर को जलजमाव की समस्या से मुक्त कराने का प्रयास किया है । शहर को गंदगी से मुक्त करने मे सबसे बड़ी बाधा कचरा डंपिंग ग्राउंड का नही होना था हमने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दो महीनो के भीतर इसके लिए भूमि की व्यवस्था कर ली साथ ही करोड़ों की लागत से खरीदे गये उपकरण जो निगम के गोदामो की शोभा बढ़ा रहे थे उनको भी उपयोग मे लाकर जनहित मे सार्थक कदम बढ़ाया। कचरा डंपिंग ग्राउंड के लिए सरकार से मिली पचास लाख की राशि लगभग बारह वर्षों तक पड़े रहने के बाद वापस चली गई थी उस राशि को पुन: हमने वापस मंगवाया है । जलजमाव की समस्या के तात्कालिक समाधान के साथ साथ स्थायी निदान के लिए भी हमने प्रयास उसी समय से आरंभ कर दी थी जिसका प्रतिफल मिलना भी शुरु हो गया है। पिछले दस वर्षों मे नगर निगम के कार्य संस्कृति मे बहुत ही गिरावट आ गई है जिसके जिम्मेवार उस समय नगर निगम को संचालित करने वाले जनप्रतिनिधि हैं। अभी हमने शहर को जल जमाव से मुक्ति के लिए जो प्रयास किये और प्रस्ताव सरकार को भेजी उसमे प्रथम कार्य है दोनार से टिनही पुल तक नाला निर्माण । इसकी स्वीकृति २०१२ ई मे सरकार से मिल गई थी और पाँच करोड़ रुपये आवंटित भी हुए। पैसा रहने के बाबजूद काम नही हुआ । अभी इसकी स्वीकृति और निविदा का प्रकाशन हो गया है और लगभग पचीस करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस नाले से पानी की निकासी बहुत ही तेजी से होगी । दूसरी जिस योजना की स्वीकृति सरकार से मिली है वह है मेडिकल कालेज से छपरार घाट तक नाला निर्माण । इस योजना का प्रस्ताव वर्ष २००५-६ मे ही भेजी गई थी जो अब तक लंबित थी । लगभग दस करोड़ की लागत से बनने वाले इस नाले से भी शहर के कई भागों की जल निकासी बड़ी सहजता से हो जाएगी । इन योजनाओं को स्वीकृत होने मे दरभंगा जिले के प्रभारी मंत्री माननीय महेश्वर हजारी जी तथा नगर विकास मंत्री माननीय सुरेश शर्मा जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है इसके लिए नगर निगम की ओर से आभार प्रकट करती हूँ। दरभंगा अपनी सभ्यता और संस्कृति के लिए जाना जाता है । और यदि हम गंदगी मे अपना जीवन बितातें हैं तो सभ्यता संस्कृति की बात बेईमानी होगी । वर्ष १९६०ई मे कर्पूरी चौक से एकमी घाट तक के भू गर्भीय नाले का निर्माण पूरी समझदारी से की गई थी । जिसको वर्ष २००२ मे पीएचईडी ने नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया। वर्ष २००४ मे तत्कालीन मेयर ओमप्रकाश खेड़िया जी ने इसको चालू करने तथा इसमे मौजूद ११२ चेंबरों के उन्मुखीकरण और पंप हाउस चालू करने हेतु प्रस्ताव भेजा था जो अब तक लंबित था । हमने कार्य भार संभालते ही सरकार को इस भूमिगत नाले को चालू करने हेतु पत्र लिखा । हैदराबाद की एजेंसी के विशेषज्ञों ने दरभंगा आकर इसका निरिक्षण भी कर लिया है । इसकी सफाई शीघ्र ही करवाई जाएगी । इसके लिए पटना मे नगर विकास विभाग के वरीष्ठ पदाधिकारियों के साथ हमारी बैठक भी हुई ।
श्रीमती खेड़िया ने नगर विधायक को निशाना बनाते हुए कहा कि कुछ माननीय जो इसका पूरा श्रेय खुद लेने के लिए बेताव हैं और आम लोगों को दिग्भ्रमित करना चाहते हैं उन्हे जनता को यह भी बताना चाहिए कि पिछले कई वर्षों से नगर निगम पर उन्ही लोगों का आधिपत्य था जिसमे निगम पीछे की ओर खिसकता चला गया । “ ये पब्लिक है सब जानती है” । सिर्फ बयान बाजी से काम नही चलता है धरातल पर काम दिखना चाहिए । हमलोग जन-प्रतिनिधि हैं , जनता की सेवा के लिए हैं । हम ज्यादा दिनो तक उनकी आँखों में धूल नही झोंक सकते । हमे निष्ठापूर्वक जनता की सेवा करनी चाहिए न कि सिर्फ बयानो के भ्रमजाल मे लोगों तो उलझाना चाहिए ।

