
सगे भतीजी के हत्यारे को आजीवन कारावास की सज़ा। Voice of Darbhanga

दरभंगा : पंचम अपर सत्र न्यायाधीश रुपेश देव की अदालत ने 9 वर्षिय अबोध सगी भतीजी की हत्या के आरोप में पौने पांच वर्ष से काराधीन दरभंगा जिला के सदर थाना क्षेत्र के धोईघाट निवासी नन्द किशोर साह को हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने अभियुक्त को पांच हजार रुपया अर्थदण्ड की भी सजा दी है. अर्थदण्ड नहीं चुकाने पर जुर्मी को छ: माह का अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान शुक्रवार को किया है. यह घटना 20 दिसंबर 2012 की मध्य रात्रि की है. सदर थानाक्षेत्र के धोईघाट गांव में हत्या अभियुक्त ने अपने सहोदर भाई राज किशोर साह की 9 वर्षिय अबोध पुत्री नेहा कुमारी की अपने पुस्तौनी मकान में दादी चन्देश्वरी देवी के साथ सोये अवस्था में धारदार (तरछेवा) हथियार से गला काटकर हत्या कर फरार हो गया. सदर थाना पुलिस ने अपने गश्ती के दौरान संदिग्ध अवस्था में भाग रहे नन्द किशोर साह को पकड़कर थाना ले गया. पहले तो उसने अपना नाम पता गलत बताया परन्तु कड़ाई से पूछ-ताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल लिया. इस घटना की प्राथमिकी सदर थाना में काण्ड सं.26/12 दर्ज हुई।इसी मामले के सत्रबाद सं. 142/12 में अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमा की समपुष्टि कराने का दायित्व एपीपी अनिल कुमार सिंह को सौंपा. एपीपी श्री सिंह ने अभियोजन पक्ष से कुल 9 साक्षियों का साक्ष्य पंचम अपर सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में कराया. जिस कार्य में एपीपी के सहायक अधिवक्ता राजीव चन्द्र झा ने मुस्तैदी से सहयोग किया. आज अदालत में अभियूक्त के सजा के बिन्दू पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से ऐपीपी श्री सिंह ने एक ऐसे अबोध बच्ची जो स्वयं अपनी रक्षा नही कर सकती की हत्या को जघन्यतम अपराध बताते हुए न्यायालय से अभियूक्त को कठोरतम दण्ड देने की गुजारिश की।वहीँ बचाव पक्ष ने जुर्मी की कम उम्र का हवाला देकर अदालत से रहम करने की मांग किया।दोनो पक्षों की दलीलें सूनने के बाद पंचम एडीजे श्री देव ने सदर थाना कांड सं0 26/12 में एकल हत्याभियुक्त को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपया अर्थदण्ड की सजा सुनाई है. अभियूक्त इस बारदात के बाद से हीं काराधीन है.

